बेहट (सहारनपुर)। इस बार बेहट में रामलीला का मंचन नहीं होगा। यह निर्णय श्री रामलीला उत्सव कमेटी की बैठक में लिया। आयोजन कमेटी के इस निर्णय के बाद कलाकारों और दर्शकों में मायूसी है। उन्होंने कहा 60 साल पुरानी परंपरा का यूं अचानक रुक जाना ठेस पहुंचाने वाला है।
वर्ष 1960 से बेहट के मोहल्ला महाजनान स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में रामलीला का मंचन हो रहा है। कमेटी की बैठक में अध्यक्ष अजय जैन ने कहा इस बार कोविड-19 को लेकर सरकार ने जो गाइड लाइन रामलीला के आयोजन को लेकर जारी की, उनका पालन कर रामलीला का मंचन करना संभव नहीं है। प्रबंधक संजीव कर्णवाल, पंडित मुरारी झा, उपाध्यक्ष अनिल सिंघल एवं कोषाध्यक्ष दीपक सिंघल ने कहा इस बार समाज हित में रामलीला का मंचन ठीक नहीं है, इसलिए आगामी वर्ष में रामलीला के आयोजन को लेकर सहमति बनी है। तय किया कि इस बार 17 अक्तूबर को शाम 4 बजे मंदिर परिसर में बल्ली पूजन, प्रथम नवरात्र से दशहरा पर्व तक शाम सात बजे प्रतिदिन रामलीला स्थल पर भगवान श्रीराम की आरती होगी। इसमें डायरेक्टर सुनील मित्तल एवं अमित कर्णवाल, भारत भूषण खुराना, अजय कुमार सिंघल, आशीष शर्मा, तुषार, वैभव, सभासद हेमंत जैन, भुवनेश राणा, दिनेश कुमार सिंघल, विजय नायडू रहे।
महज 13 साल की उम्र से रामलीला से जुड़े व्यापारी रिंकू कर्णवाल पिछले 25 साल से रावण का किरदार निभा रहे। मोहल्ला महाजनान निवासी रिंकू कर्णवाल ने कहा इस बार भी वह रामलीला मंचन को लेकर काफी उत्साहित थे, लेकिन जैसे ही उन्हें इस बार मंचन नहीं होने की जानकारी मिली, तो उन्हें गहरी ठेस पहुंची।
रामलीला में विभिन्न किरदार निभाने मनीष शर्मा ने कहा उन्होंने रामलीला के मंचन के दौरान राम, विश्वामित्र आदि का किरदार निभाया है, लेकिन इस वर्ष रामलीला का मंचन का कार्यक्रम स्थगित होने से वे काफी मायूस हैं।