सहारनपुर नगर सीट से चुुनाव लड़ रहे भाजपा के राजीव गुंबर कई बसों के मालिक होने के बावजूद बे-कार हैं, जबकि बसपा के एमएलसी रहे करोड़ों की संपत्ति के मालिक हाजी मोहम्मद इकबाल 63 लाख और उनकी पत्नी 38 लाख की कर्जदार है।
जी हां! सुनने में भले ही यह बातें अटपटी सी लग रही हों, मगर हकीकत यही है। इसकी पुष्टि इन लोगों द्वारा विधान सभा चुनाव के नामांकन के दौरान पेश किए गए वह शपथ पत्र हैं, जिनमें इन्होंने अपनी संपत्तियों का खुलासा किया है।
मंगलवार तक नामांकन करने वाले प्रमुख दलों के ज्यादातर प्रत्याशी करोड़पति हैं। मगर कुछ प्रत्याशियों ने अपने शपथ पत्रों में जो खुलासा किया है। उसका यकीन करना किसी के भी लिए आसान नहीं है।
नगर सीट से नामांकन करने वाले भाजपा के राजीव गुंबर ने अपने शपथ पत्र में तीन बस और एक मैजिक होने की बात कही है। लाखों की संपत्ति है, मगर हैरत की बात यह है कि विधायक होते हुए भी इनके पास अपनी कार नहीं है।
नगर सीट से ही नामांकन करने वाले दूसरे प्रत्याशी बसपा के मुकेश कुमार के पास भी कार नहीं है। उन्होंने अपने पास स्कूटर होने की बात कही है। बेहट सीट से बसपा के टिकट पर नामांकन करने वाले पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल ने अपने शपथ पत्र में सोना, कार, शस्त्र और करीब 14 करोड़ रुपये की चल और
अचल संपत्ति होने की बात कही है। करोड़ों की संपत्ति के मालिक, मगर उसके बाद भी वह 63 लाख के कर्जे में डूबे हुए हैं। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी पर 38 लाख रुपये की देनदारी है।
उधर, नकुड़ सीट से नामांकन करने वाले भाजपा के डॉ. धर्म सिंह सैनी ने अपने शपथ पत्र में 35 लाख रुपये कैश होने की बात कही है। जिस दौर में आम आदमी नोटबंदी की मार झेल रहा हो। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के पास 35 लाख रुपये से अधिक की नकदी हैरान करने वाली बात है।