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राहुल का दस दिन में कर्जा माफ करने का दावा

Thu, 06 Oct 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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सहारनपुर में खाट सभा में राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में खाट सभा में राहुल गांधी ने किसानों से सीधे वार्ता की और उनकी समस्याएं सुनीं, उनके सवालों के जवाब दिए। खाट सभा में किसानों की समस्याएं और उनके जवाब    
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स्थान ग्राम गागलहेड़ी का मैदान, समय ः दोपहर 2.15 बजे 
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद पहुंचे। राहुल गांधी ने किसानों से हाथ जोड़कर अभिवादन किया और किसानों से रूबरू हुए। 

फैजान अहमद ः बिजली महंगी हो गई है और काफी कम मिल रही है, किसान बैंकों का कर्ज में दब गया है। सरकार मिलों का पैसा माफ कर रही है, लेकिन किसानों का नहीं?  
         
राहुल गांधी ः नरेंद्र मोदी को किसानों से नहीं उद्योगपतियों से मतलब है। किसानों की बजाय मिलों का कर्जा माफ किया जा रहा है। मोदी ने किसानों का पैसा 15 लोगों को ही दे दिया है। पूरा काम 15 लोगों के लिए ही है। 
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महेंद्र सिंह सैनी ः बैंक तो ब्याज लगाता है, लेकिन किसानों को गन्ने का ब्याज क्यों नहीं देती सरकार। किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान भूखों मर रहा है?             

राहुल गांधी ः उनकी सरकार थी तो उन्होंने किसानों ने 70 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिए थे। इससे करोड़ों किसानों की जिंदगी बदली थी। मनरेगा से मजदूरों के जेब में पैसे डाले, किसानों को उनकी फसल के सही रेट पापुलर, गेहूं हो या चावल हो पूरा पैसा मिला।

राजकुमार ः यहां किसान पोपलर की खेती कर रहे हैं, पहले किसानों को पापुलर का रेट अच्छा मिल रहा था, लेकिन अब 200 रुपये भी नहीं मिल रहा है। जबकि उससे बनने वाली प्लाईवुड का रेट बढ़ रहा है? 

राहुल गांधी ः जब उनकी  सरकार थी तो जितना रेट था किसानों को मिल रहा था। अब किसानों को उनकी फसल का पैसा नहीं मिला। इस सरकार में किसान, मजदूर त्रस्त हैं, युवा परेशान हैं।

इरशाद अहमद ःयहां के किसान पोपलर, यूकेलिप्टस की भी खेती खूब कर रहे हैं। लेकिन यहां प्लाईबोर्ड की फैक्ट्री नहीं लगी है। धान जो 5000 रुपये क्विंटल बिकता था, अब 1500 रुपये कुंतल और बाजार से चावल लेने जाएं तो महंगे रेट हैं?    
        
राहुल गांधी ः ये तो वहीं काम कर रहे हैं जिनसे उनका फायदा हो और किसानों को नुकसान। भाई ये तो सूट-बूट की सरकार है।            
पूरन चंद त्यागी ःहमारे जिले में 7 शुगर मिलें थीं, जिनमें से 3 मिलें बंद हो गईं। गागलहेड़ी मिल पर किसानों के 15 करोड़ रुपये बाकी हैं।

कई बार सत्याग्रह किया। गन्ने की बर्बादी हो रही है। एक दिन ऐसा आएगा कि उन्हें भाला लेकर किसी फैक्ट्री के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ेगा?         राहुल गांधीः मैं ऐसा दिन कभी नहीं आने दूंगा। किसान को उसकी फसल का रेट मिलेगा। दिन सुधरेंगे वह वादा करते हैं कि वह बिजली का बिल आधा करेंगे। कर्जा माफ करेंगे।    
        
मजाहिद हुसैन ः गन्ना विभाग तो न्यायालय की भी नहीं मानने को तैयार। किसान परेशान हैं। कोर्ट के आदेश का पालन कराना सरकार का काम है। अब सरकार ही नहीं कुछ कर रही तो वह कहां जाए?        
   
राहुल गांधीः अगर कांग्रेस की सरकार होती तो कोर्ट को कुछ करना ही नहीं पड़ता। सरकार ही किसानों को पैसा दिला देती। मुख्यमंत्री चाहे तो वह मिल मालिकों पर दबाव बनाकर तुरंत भुगतान करा सकता है। कोर्ट तो बहाना है।             
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