सहारनपुर। नगर निगम के जल कल अनुभाग में चल रही पंपों के बोर और री-बोर की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों पर कुछ खास ठेकेदारों के साथ मिलकर शर्तों में बार-बार परिवर्तन करने का आरोप लगाया है। इस मामले में वार्ड 47 के पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने महापौर और मंडलायुक्त से लेकर शासन तक को शिकायती पत्र भेजा गया है।
मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद से की गई शिकायत में अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम के जल कल अनुभाग ने दस बड़े पंपों के री-बोर तथा 31 छोटे पंपों के बोर की टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है। पहले 26 दिसंबर 2023 को टेंडर निकाला गया, जिसका आगणक 14,97,106 रुपये का था, साथ ही इसमें कुछ शर्तें रखी गई थी, लेकिन सवाल उठने पर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। दूसरी बार ई-टेंडर निकाला गया, जिसमें आगणक राशि बढ़ाकर 19,62,633 कर दी गई और शर्तें भी बदल दी गई। तीसरी बार फिर से टेंडर निकाला गया है, जिसमें शर्तों में परिवर्तन किया गया है। पार्षद का आरोप है कि शर्तें वही रखी जा रही हैं, जो खास ठेकेदार पूरी कर रहे हैं। इससे अन्य इच्छुक लोगों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने टेंडर की प्रक्रिया पर रोक लगवाने की मांग महापौर और अधिकारियों से की है। पार्षद का यह भी कहना है कि नगरायुक्त के स्थानांतरण और नगरायुक्त के नया होने का फायदा भी उठाया जा रहा है।
नगरायुक्त ने दिया शर्तें बदलने का अधिकार
जलकल अनुभाग के अधिशासी अभियंता वीबी सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2023 को तत्कालीन महाप्रबंधक द्वारा केवल नोटिस निकाला गया था टेंडर नहीं था। अब हमने जो टेंडर निकाला है वह जल निगम आधारित है, जिसकी वजह से आगणक राशि बढ़ी है। रही बात शर्तों में परिवर्तन करने की तो यह विभागाध्यक्ष का अधिकार होता है, क्योंकि जवाबदेही उसकी होती है। नगरायुक्त ने भी यह अधिकार दिया है।