सहारनपुर। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही शहर के पुल कंबोहान की यादें ताजा हो गई हैं। पुल कंबोहान जिले की राजनीति का बड़ा केंद्र रहा। यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के अलावा तमाम पार्टियों के दिग्गजों और मुस्लिम लीग के बड़े नेताओं ने जलसे किए हैं, लेकिन अब ऐसा कोई कार्यक्रम यहां नहीं होता।
तीन दशक पूर्व पुरानी मंडी क्षेत्र में स्थित पुल कंबोहान जनपद की सियासत का बड़ा केंद्र रहा। यहीं से सहारनपुर की राजनीति की दिशा और दशा तय होती थी। यहां के निवासी आबिद वफा और पुल कंबोहान निवासी अफजाल बताते हैं कि लोकसभा या फिर विधानसभा चुनाव हो, हमेशा बड़े सियासतदारों ने यहां पर भाषण दिए हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, गुलाम नबी आजाद, सलमान खुर्शीद, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह, आजम खान, राजेश पायलेट, पीएल पुनिया, चौधरी अजीत सिंह, काजी रशीद मसूद सहित अनेक बड़े नेताओं ने चुनावी जलसों को संबोधित किया। यहां होने वाले जलसों से जिले की राजनीतिक के समीकरण बदल जाते थे। मुस्लिम लीग के नेताओं ने भी यहां कई बार जलसों को संबोधित किया।
सर्व समाज के लोग होते थे एकत्र
पुल कंबोहान पर होने वाले जलसों में सर्व समाज के लोग शामिल होते थे, जो नेताओं को भाषण को सुनने आते थे। जिले भर से लोग जलसों में शामिल होने आते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया जमाने में यहां जलसे नहीं होते हैं। यहां के निवासी सलीम अहमद बताते हैं कि उनके बुजुर्ग पुल कंबोहान पर होने वाले जलसों के किस्से भी उनको सुनाते थे। पुल कंबोहान पर रात दस बजे जलसे शुरू होते थे, जो सुबह तीन से चार बजे तक चलते थे। चुनाव के दौरान प्रत्येक दिन यहां सभाएं आयोजित हुई हैं। लोग दिन में काम निपटाने के बाद रात अक्सर पुल कंबोहान पर राजनीतिक दलों के दिग्गजों भाषण सुनने पहुंचते थे।