बीएस कार्यालय पर धरना देते उप्र मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के शिक्षक
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की ओर से बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया गया। ज्ञापन लेने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा धरने के बीच नहीं पहुंचने से नाराज संगठन पदाधिकारियों ने उनके दफ्तर के गेट पर ज्ञापन चस्पा कर दिया। इसके बाद मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कार्यालय पहुंचकर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक योगराज सिंह को ज्ञापन सौंपा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर आयोजित धरने में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक लिपिक पर भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया। लिपिक के प्रकरण को डॉ. जयपाल सिंह विधान परिषद में भी उठा चुके हैं। मलिक ने भ्रष्टाचार में शामिल एक प्रधानाध्यापक की जांच पत्रावली गायब करने के आरोप भी विभाग पर लगाए। मलिक ने कहा की वर्तमान सरकार में भी संस्कृत त्रिभाषा अनुदान बहाल नहीं हुआ तो भविष्य में भारतीय संस्कृति की सुरक्षा कवच कही जाने वाली संस्कृत भाषा विलुप्त हो जाएगी। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा शासन अभी तक नहीं दे सका है। कई बार सरकार को चेतावनी दी जा चुकी है, मगर सरकार सुनने को तैयार नहीं है। यदि सरकार 30 जून तक शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा नहीं देती है तो 30 जून को महापंचायत बुलाकर एक जुलाई से विद्यालय खोलने की घोषणा की जाएगी। धरने में प्रदेश सचिव अमजद अली, जिला अध्यक्ष केपी सिंह, महानगर अध्यक्ष शबाना सिद्दीकी, गयूर आलम, प्रवीण गुप्ता, अब्दुल कादिर, संजय शर्मा, हंस कुमार, ऋषिपाल सैनी, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।