सहारनपुर के देवबंद में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की गिरफ्तारी का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी दलित समाज की महिलाओं ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
दलित समाज द्वारा सोमवार को प्रदर्शन करने की चेतावनी दिए जाने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। प्रशासन द्वारा एसडीएम कार्यालय छावनी में तब्दील कर दिया गया।
इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं वहां प्रदर्शन करने पहुंची, लेकिन भारी पुलिस बल के चलते वह वहां से चली गई। हालांकि बाद में कुछ महिलाओं ने पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जाम लगाने का भी प्रयास किया।
वहां अधिकारियों ने महिलाओं को समझाकर उनका गुस्सा शांत किया। बाद में महिलाओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें दलित समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जेल में बंद लोगों को रिहा करने की मांग की।
पीड़ितों को मुआवजा दिलाए जाने, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की मांग की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दलित समाज के बेगुनाह लोगों को जेल में डाल दिया, जबकि दूसरे पक्ष के आरोपियों का बचाव किया जा रहा है। जो कानूनी रूप से सही नहीं है।
ज्ञापन देने के बाद महिलाएं अपने घरों को लौट गई। वहीं माहौल को भांपते हुए एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र के गांव लबकरी, भायला, जखवाला, रणखंडी, जड़ोदाजट आदि गांवों में शांति समिति की बैठक की।
बैठकों में लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। एसडीएम रामविलास यादव ने कहा कि माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। असामाजिक तत्वों की पहचान कराई जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।