देवबंद। सरकारी भूमि पर बने अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के मामले में सोमवार को तहसील कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों और मुतवल्लियों ने प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा कि जितनी भूमि पर उनके धार्मिक स्थल बने हैं, उसके बराबर भूमि वह दूसरी जगह सरकार को उपलब्ध कराने को तैयार हैं। प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया और विचार के लिए सुरक्षित रख लिया।
तहसील में सोमवार को धारा 67 के तहत नोटिस प्राप्त करने वाले सभी छह धार्मिक स्थलों के मुतवल्ली एवं प्रबंधक पेश हुए। इससे पहले 13 जुलाई को पहली सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। दूसरी तिथि पर भी संबंधित पक्षों ने अपने दावे के समर्थन में अभिलेख प्रस्तुत किए और प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा। साथ ही चार आपत्तियां दर्ज कराई गईं। ग्राम सोहनचिड़ा स्थित अक्सा मस्जिद एवं मदरसे के मुतवल्ली मोहम्मद अहसान ने बताया कि उन्हें ढाई लाख रुपये अर्थदंड के साथ 15 दिन के भीतर कथित अवैध निर्माण हटाने का नोटिस मिला है। उन्होंने बताया कि एसडीएम के समक्ष यह प्रस्ताव रखा गया था कि यदि सरकार सहमत हो तो जितनी भूमि पर मस्जिद और मदरसा बना है, उसके बराबर भूमि दूसरी जगह सरकार को उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
ग्राम पंडोली नागल स्थित मदीना मस्जिद के मुतवल्ली मोहम्मद रिजवान ने बताया कि उन्हें भी 15 दिन के भीतर निर्माण हटाने का नोटिस और दो लाख एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। उनका कहना था कि संबंधित स्थल काफी पुराना है और उसके संबंध में उपलब्ध अभिलेख प्रशासन को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने भी तहसीलदार पुष्पांकर देव के समक्ष अपना पक्ष रखा।
उधर, डीएम अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
प्रशासन की ओर से धारा 67 के तहत ग्राम सोहनचिड़ा की अक्सा मस्जिद के मुतवल्ली अहसान, ग्राम पंडोली नागल की मदीना मस्जिद के प्रबंधक रिजवान, ग्राम छलौली स्थित मदरसा दारुस्सलाम के प्रबंधक तौसीफ, ग्राम अंबेहटा शेखा के मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा, ग्राम पहाड़पुर की मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार और ग्राम अंबेहटा शेखा की मस्जिद के मुतवल्ली मोहतसिम को नोटिस जारी किए गए हैं।