बेहट (सहारनपुर)। पिछले डेढ़ महीने से बादशाही बाग पेयजल परियोजना खराब पड़ी है। इससे तीन गांवों की पांच हजार से अधिक की आबादी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को जल निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
तहसील बेहट क्षेत्र में स्थित जल निगम की बादशाही बाग पेयजल परियोजना से शफीपुर, मायापुर रूपपुर और गंजीपुर की पांच हजार से अधिक की आबादी को पेयजल की सप्लाई की जाती है, लेकिन पिछले डेढ़ महीने से यह परियोजना खराब पड़ी है, इससे इन तीनों गांव में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए तरस रहे है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने परियोजना पर पहुंचकर जल निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराए जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और जल निगम के अधिकारी कोरोना कर्फ्यू का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रधान पति महावीर सिंह, मृदुला शर्मा, रवि कुमार, सोहन लाल, राकेश कुमार आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
तो कोरोना कर्फ्यू में नहीं मिलेगा पेयजल
बादशाही बाग पेयजल परियोजना से बंद पड़ी पेयजल आपूर्ति को सुचारु करने में जल निगम के अधिकारियों की कोई दिलचस्पी नहीं है। इतनी बड़ी आबादी के सामने पेयजल का गंभीर संकट गहराया हुआ है और जल निगम के अधिकारी कोरोना कर्फ्यू में लेबर की व्यवस्था नहीं होने के कारण हाथ खड़े कर रहे है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक पीके अग्रवाल ने बताया कि जिला विकास अधिकारी ने लेटर लिखकर कहा है कि कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने के बाद ही परियोजना को ठीक कराया जा सकेगा।