सहारनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि कोरोना की वजह से निजी विद्यालय दो साल से बंद हैं। विद्यालय संचालक और शिक्षक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। सरकार ने यदि 30 जून तक आर्थिक सहायता नहीं दी तो निजी विद्यालय संचालक विद्यालय खोलने को मजबूर होंगे।
रविवार को आयशा मॉडल स्कूल में आयोजित बैठक में डॉ. मलिक ने कहा कि सरकार से लगातार आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की जा रही है, मगर सरकार को निजी विद्यालय संचालकों और शिक्षकों की चिंता नहीं है। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालय आरटीई के तहत 25 फीसदी बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाते आ रहे हैं। मगर सरकार उनके शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा तक नहीं दे पा रही है। यदि 30 जून तक आर्थिक मदद नहीं मिलती है तो वह विद्यालय खोलने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार मान रही है कि तीसरी लहर अगस्त के बाद आएगी, जिसमें बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए सरकार उनके लिए वैक्सीन कब ला रही है। बैठक की अध्यक्षता रविंदर गुप्ता ने की, जबकि संचालन अमजद अली खान ने किया। बैठक में जिलाध्यक्ष केपी सिंह, महानगर अध्यक्ष गयूर आलम, मुजाहिद नदीम, प्रवीण गुप्ता, शान इलाही, वजाहत अली खान, सरफराज खान, शमशाद, वसीम अख्तर, मेहताब अली, मुकेश आदि मौजूद रहे।