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दीवारों पर चस्पा प्रिंट सामग्री से मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा

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बीएसए कार्यालय में रखी प्रिंट सामग्री। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर । परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से शिक्षा व्यवस्था के साथ ही माहौल भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। एक ओर जहां पहली बार एनसीईआरटी की किताबें लागू होने जा रही हैं, वहीं एनसीईआरटी ने भारी संख्या में प्रिंट रिच मैटीरियल भेजा है, जिसमें गणित और हिंदी भाषा के बड़े-बड़े चार्ट हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 चार्ट कक्षों के भीतर चस्पा किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इनसे बच्चों में बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी।
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प्रिंट रिच मैटीरियल में तीन और चार स्क्वायर फुट के रंगीन चार्ट हैं। गणित और हिन्दी विषयों के इन चार्ट पर कक्षाओं के हिसाब से सामग्री प्रिंट है। हिंदी विषय के चार्ट पर हिंदी की लघु कहानियां सचित्र दी गई हैं। इसी प्रकार गणित विषय के चार्ट पर गिनती से लेकर तमाम बेसिक सामग्री प्रिंट हैं। संबंधित अधिकारी ने बताया कि एक शोध में पता चला है कि छोटे बच्चे सुंदर और रंगीन प्रिंट सामग्री की ओर अधिक आकर्षित होते हैं, जिससे वह चीजों को अधिक सरलता के साथ सीखते और समझते हैं। यही वजह है कि सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के पठन-पाठन के स्तर को सुधारने के लिए नई व्यवस्था अपनाई है, जो एक अप्रैल 2021 से लागू होने जा रही है।
हर विषय के चार्ट पर अलग बार कोड
जिस तरह एनसीईआरटी की किताबों के प्रत्येक पाठ पर अलग बार कोड दिया गया है। उसी तरह प्रिंट रिच सामग्री में प्रत्येक विषय के प्रिंट चार्ट पर अलग बार कोड है। बच्चे दीक्षा एप के माध्यम से उक्त बार कोड को स्कैन कर आसानी के साथ ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं।
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जिले में आए एक लाख 60 हजार चार्ट
चूंकि प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में 100-100 चार्ट कक्षों के भीतर चस्पा किए जाने हैं। इस लिहाज से जनपद के 1601 परिषदीय विद्यालयों के लिए 160100 प्रिंट चार्ट आए हैं। यह सामग्री वाहनों के माध्यम से विद्यालयों को भेजी जा रही है।
इस बार एनसीईआरटी की किताबों के साथ ही प्रिंट सामग्री भी विद्यालयों के लिए आई है। इनमें प्रिंट रिच मैटीरियल में काफी संख्या में प्रिंट सामग्री आई है, जो विद्यालयों में कक्षों के भीतर चस्पा की जाएगी। निश्चित रूप से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही विद्यालयों का माहौल में भी और सुधार होगा।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।

प्रिंट सामग्री पर इस तरह की कविताएं।- फोटो : SAHARANPUR

एनसीईआरटी से विद्यालयों के लिए आई प्रिंट सामग्री।- फोटो : SAHARANPUR

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