सरसावा। लोगों पर एक बार फिर मंहगाई की मार पड़ी है। सरसों के तेल, वनस्पति घी, रिफाइंड में 20 से 30 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। 20 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ने पर दामों में उछाल आया है। शनिवार शाम से दामों बढ़ोत्तरी हुई है। सरसाें के तेल की 130 रुपये प्रति लीटर वाली बोतल अब 150 रुपये में बिक रही है। एक किलोग्राम के वनस्पति की घी का पैकेट के दाम 110 से बढ़कर 135 रुपये हो गया है। इसी तरह रिफाइंड का एक लीटर वाला पैकेट 110 से बढ़कर 130 से 135 रुपये में बिक रहा है। इसकी वजह से नागरिकों पर महंगाई की मार पड़ी है।
बोले व्यापारी, 20 प्रतिशत हुई बढ़ोत्तरी, ब्रांडेड कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम
सहारनपुर किरयाना व्यापार संघ के अध्यक्ष और मोरगंज बाजार के व्यापारी अनित गर्ग का कहना है कि दामों में 20 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ी है। इसी की वजह से सरसों के तेल, रिफाइंड, वनस्पति घी के दाम बढ़े हैं।
महामंत्री चंदन कालरा ने कहा कि ब्रांडेड कंपनियों ने भी दामों में बढ़ोत्तरी की है। ऐसे में व्यापारियों को ग्राहकों को समझाने में भी दिक्कत आ रही है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सरदार गुरमेहर सिंह ने कहा कि खाद्य तेलों में प्रतिटीन 250 से 350 रुपये वृद्धि हई। सरसावा में चाट और पकौड़ी की दुकान करने वाले स्वामी लालचंद टांक कहना है कि घी, सरसों के तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ने से बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों दाम भी बढ़ेंगे।
बिगड़ गया रसोई का बजट
सरसावा निवासी गृहणी अरुणा शर्मा ने कहा कि पहले से ही लोग महंगाई से त्रस्त हैं। ऐसे में घी, सरसों के तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ने से परेशानी बढ़ी है।
बेरीबाग निवासी सोनिया बजाज का कहना है कि सरकार को महंगाई को नियंत्रित करना चाहिए, लेकिन खाद्य पदार्थों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जनकनगर निवासी प्रियंका अरोड़ा ने कहा कि चुनाव के दौरान अनेक दावे किए जाते हैं, लेकिन बाद में महंगाई पर नियंत्रित नहीं किया जाता। दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है।