सहारनपुर। शहर के हजीरा सराय स्थित करीब दस बीघा भूमि पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मंगलवार को एसडीएम सदर किंसुख श्रीवास्तव टीम को साथ लेकर भूमि का चिन्हांकन करने पहुंची। भूमि के ज्यादातर हिस्से पर आबादी के बस जाने की वजह से वह मौके का मुआयना कर लौट आईं।
खुमरान पुल के नजदीक स्थित हजीरा सराय में करीब दस बीघा भूमि है। इसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। करीब दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अमर उजाला ने एक दिसंबर के संस्करण में प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की हुई है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम सदर ने टीम को साथ लेकर भूमि का मुआयना किया।
हजीरा सराय स्थित भूमि के चिन्हांकन के लिए मंगलवार को पहुंचे थे। वहां काफी क्षेत्र में आबादी बस चुकी है। चिन्हांकन से पहले भूमि पर कुछ कार्य होना है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है।
किंसुख श्रीवास्तव, एसडीएम सदर।