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जिले में अब तक भटक रहे प्रवासी मजदूर

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सहारनपुर। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में काम करने वाले करीब एक लाख प्रवासी मजदूरों को यहां से श्रमिक स्पेशल और रोडवेज बसों से गंतव्यों तक भिजवाया गया। मगर अब यहां से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों या बसों का संचालन किया जा रहा है।
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एक जून से साधारण यात्री बस सेवा शुरू की गई है। वहीं, स्पेशल ट्रेनों में केवल आरक्षित यात्री ही आ रहे हैं। इसके चलते काफी संख्या में जिले में फंसे प्रवासी मजदूर अब तक भटक रहे हैं। इनमें कुछ तो दूसरे राज्यों की पाबंदी हटने का इंतजार कर रहे हैं जबकि कुछ रोडवेज बसों से ही उनके गंतव्य स्टेशनों तक पहुंच रहे हैं ताकि आगे से घर तक पहुंचने का साधन मिल जाए।
जनमंच के पास पड़े रहे प्रवासी मजदूर
- रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेेशन के बिल्कुल पास ही काफी संख्या में मजदूर जनमंच के पास पड़े रहे। इनमें शामिल मोहम्मद हसन, शौकत, अजीम, सोनू, अक्षय, लालू कुुमार, रोबिन, अखिलेश, छोटू, शोभित, जॉन, प्रेम आदि ने बताया कि वे बिहार के मधेपुरा, गोपालगंज और मोतिहारी के हैं। यहां लॉकडाउन में फंस गए हैं। इनमें कुछ पिलखनी के सत्संग भवन गए थे। मगर वहां बताया गया कि अब कोई स्पेशल बस या ट्रेन से भिजवाने की व्यवस्था अब यहां नहीं हैं। कुछ मजदूर उत्तराखंड और कुछ हरियाणा के शहरों में काम करते थे। अब वे घर जाना चाहते हैं।
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उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा नहीं जा रहीं रोडवेज बसें
सहारनपुर। अनलॉक-एक के पहले चरण में एक जून से साधारण यात्री सेवा के लिए रोडवेज बस सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। मगर अभी तक उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में बसें नहीं जा रही हैं। इसके चलते यात्री भी उम्मीद से बेहद कम आ रहे हैं। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर ने बताया कि दूसरे राज्यों में बसों का संचालन न होने के कारण ही यात्रियों की संख्या कम है और बाहरी राज्यों को जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। दूसरे राज्यों को जाने वाले बहुत से यात्री यहां से मुरादाबाद, लखनऊ, आगरा, बरेली जैसे स्टेशनों तक जरूर गए हैं।
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