छुटमलपुर। विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने ग्राम पंचायत हुसैनपुर उर्फ निवादा के प्रधान की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगा दी है, साथ ही उन्होंने तत्कालीन पंचायत सचिव को भी दोषी पाते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
बता दें, कि मुजफ्फराबाद ब्लाॅक की इस पंचायत के निवासी राम सम्मून पुत्र अब्दुल हमीद और राव अबरार ने ग्राम प्रधान राव फरमान पर विकास कार्यों में धांधली तथा गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी।
इस पर डीएम द्वारा फरवरी माह में जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया था। सितंबर माह में जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। इसमें प्रधान और सचिव को वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाया गया था। इस पर प्रधान से उनका स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्रधान और सचिव को हैंडपंप के रिबोर, पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाई गई लाइटों में वित्तीय अनियमितताओं तथा स्वीकृत से ज्यादा संख्या में पेड़ कटवाने का दोषी पाया गया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाते हुए अंतिम रूप से जांच के लिए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। उधर, ग्राम प्रधान राव फरमान का कहना है कि सभी आरोप गलत हैं। राजनीतिक दबाव बना कर उन पर कार्रवाई कराई जा रही है। यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।