सहारनपुर में गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए शिक्षा का अधिकार अधिनियम की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। किसी भी स्कूल ने डीएम के आदेश को नहीं माना। एक भी गरीब बच्चे का नि:शुल्क दाखिला नहीं किया गया।
अभिभावक अपने बच्चों के फार्म और डीएम के आदेश को हाथ में लिये चक्कर ही लगाते रहे। अधिकारी भी अभिभावकों की शिकायतों को टालमटोल करते रहे। इससे बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 25 फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला कान्वेंट स्कूलों में कराये जाने का प्रावधान है। शासन के आदेश पर विभाग की ओर से अप्रैल माह में पात्र बच्चों से दाखिले के लिए आवेदन मांगे थे।
इनमें विभाग के अनुसार 492 बच्चों ने आवेदन किए। विभाग की ओर से सभी आवेदन का सत्यापन कराया। इनमें 180 बच्चे नर्सरी कक्षा और 134 बच्चे कक्षा एक में दाखिले के लिए पात्र पाए गए।
शिक्षा विभाग ने कान्वेंट स्कूलों को पत्र निर्गत कर सभी पात्र बच्चों का दाखिला करने के आदेश दिये थे, लेकिन जनपद के एक भी विद्यालय में आरटीई के तहत दाखिला करने से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में पात्र बच्चे और अभिभावक बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटकर दाखिले की मांग कर रहे है।