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सहारनपुर: शहर की हवा में प्रदूषण का जहर, एक्यूआई का स्तर खराब

Tue, 13 Oct 2020 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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सहारनपुर शहर की हवा में फिर से प्रदूषण का जहर घुल गया है। लॉकडाउन में जो एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 40 तक आ गया था। वह अब फिर से 220 से ऊपर चला गया है। एक्यूआई 200 से ऊपर चले जाने पर खराब स्थिति मानी जाती है। यानी ऐसी हवा में सांस लेना मनुष्य के लिए खतरनाक है। खासकर दिल और सांस के मरीजों के लिए। अमर उजाला ने एक्यूआई का स्तर बढ़ने के कारणों की पड़ताल के लिए शहर का भ्रमण किया तो कई चौंकाने वाले दृश्य नजर आए। पेश है रिपोर्ट:-
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जलाया जा रहा कचरा
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के आदेश हैं कि कचरा न जलाया जाए, लेकिन सहारनपुर में वह भी शहर के भीतर इसका खुला उल्लंघन हो रहा है। दुकानदारों से लेकर सब्जी और फल मंडी के विक्रेता कचरा जला रहे हैं। रविवार की रात में पुल जोगियान पर ट्रांसफार्मर के नीचे पांवधोई नदी के किनारे भारी मात्रा में कचरा जलता मिला।

सड़कों पर उड़ने वाली धूल
शहर में वर्तमान समय में सीवर लाइन डालने, गैस पाइपलाइन बिछाने, नालों और सड़कों का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस वजह से जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ी गई हैं। खास बात यह है कि जहां पाइप लाइन या सीवर लाइन डाली जा चुकी है, वहां सड़कें समय से दुरुस्त नहीं की जा रही हैं। इस कारण वाहनों के चलने से दिनभर धूल उड़ती है, जो हवा को खराब कर रही है।
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पराली जलाना भी वजह
एनजीटी ने पराली जलाने पर पाबंदी लगाई हुई है। प्रशासन स्तर से पराली जलाने से रोकने को सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधानों तक की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके बाद भी सैटेलाइट से किसान पराली जलाते पकड़े जा रहे हैं।

धुआं उगलते वाहन और उद्योग
शहर में बड़ी संख्या में खटारा वाहन चल रहे हैं। ज्यादातर वाहन जहरीला धुआं उगलते चलते हैं, जिन पर कार्रवाई नहीं होती हैं। इनमें टेंपो और जुगाड़ भी शामिल हैं। कोर्ट रोड पुल, अस्पताल पुल और अंबाला रोड पुल पर इन वाहनों निकलता धुआं आसानी से देखा जा सकता है। इनके अलावा उद्योग भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। शहर के बीच में अब भी कई उद्योग चल रहे हैं, जिनकी चिमनियां धुआं उगलती दिखाई देती हैं।

एक्यूआई और उसकी स्थितियां
एक्यूआई --------- स्थिति
0-50 -------------- बेहतर
51-100 ----------- संतोषजनक
101-200 ---------- सामान्य
201-300 ---------- खराब
301-400 ---------- बहुत खराब
401-500 ---------- गंभीर
हवा में धूल, धुआं और अन्य कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन सांस, दमा और दिल के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक होते हैं।
- डॉ. सतीश कुमार, फिजीशियन, जिला अस्पताल, सहारनपुर।

वायु प्रदूषण का बढ़ना चिंता का विषय है। इसके कई कारक हैं। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपने स्तर से समय समय पर कार्रवाई करता रहता है। वर्तमान में भी इस तरह की कार्रवाई जारी हैं। - एसआर मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सहारनपुर।
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