आरक्षण की गुगली पर आउट हुए राजनीति के खिलाड़ी
कई वर्तमान प्रधान और संभावित प्रत्याशी नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। मुजफ्फराबाद ब्लाक के अंतर्गत आने वाली जिला पंचायत की एक से छह नंबर तक की सीटों में से चार के आरक्षित होने के चलते चुनाव की तैयारी में लगे दावेदारों को झटका लगा है।
जिला पंचायत का वार्ड नंबर एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ है। यहां से भाजपा के बाबूराम राठौर सदस्य थे। भाजपा से ही बाबूराम सहित इस बार पूर्व उप प्रमुख महिपाल राठौर, सतपुरा के अनुज सैनी, नाथी राणा, सपा से मन्नान प्रधान चुनाव लड़ने की दावेदारी कर रहे थे जो अब इस सीट पर नहीं लड़ पाएंगे। वार्ड नंबर दो से पूर्व ब्लाक प्रमुख भाजपा के मुल्कीराज सैनी सदस्य थे। इस सीट पर इस बार उन सहित भाजपा से अरविंद चौहान, महेंद्र सिंह नौगांवा, प्रदीप चौहान फतेहपुर, कांग्रेस से गौरव चौहान पथरवा, सपा से चौधरी काला प्रधान चांडी भाकरोड़ एवं नीरज चौधरी ढाब्बा दावेदारी कर रहे थे। यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होने से इनके अरमानों पर पानी फिर गया। जिला पंचायत चुनाव न लड़ पाने पर अरविंद चौहान तो अब अपनी पत्नी शरण कौर को गांव कालूवाला पहाड़ीपुर से प्रधानी लड़ाने की बात कह रहे हैं।
वार्ड नंबर चार पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यहां से पहले भाजपा नेता सुशील राणा सदस्य थे। उन सहित इस सीट पर प्रदीप राणा मुसैल, सपा से स्वराज राणा मुसैल, बसपा से राव गुलजार और कांग्रेस से संदीप राणा चुनाव की तैयारी में जुटे थे। ये भी आरक्षण के चलते लड़ाई से बाहर हो गए हैं। वार्ड नंबर पांच को इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया है। इस पर सपा से राव मुकर्रम, राव फखरुदीन, राव मेहताब, संसारपुर से राशिद प्रधान, झांडिया से नासिर खां, बसपा से मुन्नू खां, राव अरशद और हाजी असलम आदि चुनाव की ताल ठोंक रहे थे लेकिन आरक्षण ने इन सभी के समीकरण बिगाड़ दिए। मुजफ्फराबाद ब्लाक में प्रमुखी का पद इस बार महिला के लिए आरक्षित किया है। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव न लड़ पाने वाले कुछ दिग्गज अब इस पर भी नजर गड़ाए हैं।