पुलिस के सामने खड़ा 12 हजार का इनामी विनय। (लाल शर्ट में) अमर उजाला
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। पुलिस ने शनिवार की शाम सहारनपुर हिंसा में आरोपी भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं 12 हजार के इनामी विनय रतन के फतेहपुर भादों स्थित घर पर कुर्की से पहले का नोटिस चस्पा कर दिया। इस दौरान विनय रतन घर पर ही मौजूद था और पुलिस को नोटिस चस्पा करते हुए देखता रहा। पुलिस ने भी उसे गिरफ्तार नहीं किया।
यह पहला मामला नहीं है, जब उसका पुलिस से सामना हुआ हो, कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह शामिल हुआ, लेकिन तब भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। गत वर्ष मई माह में शब्बीरपुर में महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा को लेकर भड़की हिंसा के दौरान सहारनपुर के राम नगर में हुए बवाल में विनय रतन को नामजद किया गया था। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी और फरार दिखाकर पुलिस ने उस पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद भी पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही, जबकि वह भीम आर्मी के सार्वजनिक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा।
सोशल मीडिया के माध्यम से भी वह जेल में बंद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के लिए कैंपेन चलाता रहा है। विनय रतन का घर भी थाने से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई और कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी।
कोर्ट के आदेश पर थाने के एसआई केपी सिंह पुलिस फोर्स के साथ शनिवार शाम छह बजे फतेहपुर भादों स्थित उसके घर पर कुर्की से पहले का नोटिस (धारा 82) चस्पा कर दिया। हैरत की बात यह रही कि जिस वक्त पुलिस नोटिस चस्पा कर रही थी, उस समय विनय रतन खुद गेट पर खड़ा यह देख रहा था।
उधर, थानाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने बताया कि जो एसआई नोटिस चस्पा करने गए थे वे नए हैं। वे विनय रतन को पहचानते नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने विनय से जब उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम सचिन बताया। इस पर एसआई नोटिस चस्पा करके वापस लौट गए। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।