सहारनपुर में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन करने वालों ने अपने शपथ पत्र में अपने आपराधिक रिकार्ड की भी जानकारी दी है। कुछ ने अपने आपराधिक रिकार्ड तथा वर्तमान में चल रहे मुकदमों का ब्योरा शपथ पत्र में दिया है,
जबकि कुछ ने अपने ऊपर कोई मुकदमा नहीं होने की बात कही है। मगर निर्वाचन में लगी टीम इसे मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में नामांकन करने वालों का आपराधिक रिकार्ड जानने के लिए एसएसपी को उनका डाटा भेजा जा रहा है।
आपराधिक रिकार्ड वाले तथा दागी लोग चुनाव जीतकर विधान सभा और संसद में पहुंचते रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति सजायाफ्ता है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता।
नामांकन के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्र में नामांकन करने वाले की आय और व्यय का ब्यौरा होने के साथ ही आपराधिक रिकार्ड का कॉलम भी भरवाया जाता है। वर्तमान एक विधायक पर क्रिमनल एक्ट के तहत मुकदमा चल रहा है, जिसका जिक्र उन्होंने अपने शपथ पत्र में किया है।
इनके अलावा कई नामांकन करने वालों पर भी मुकदमे चल रहे हैं। मगर अनेक नामांकनकर्ताओं ने इसका जिक्र नहीं किया है। ऐसे में सभी का ब्यौरा एसएसपी कार्यालय भेजा जा रहा है।
एसडीएम रामबिलास यादव ने बताया कि इसका मकसद नामांकन करने वालों का असल आपराधिक इतिहास जानना है, जिससे कोई सजायाफ्ता व्यक्ति जीतकर विधान सभा न पहुंच जाए।