सहारनपुर में मल्हीपुर रोड पर उपद्रवियों के बेकाबू होने की सूचना के बाद डीएम ने सीधे तौर पर मौके पर मौजूद एडीएम-प्रशासन को लाठी चार्ज करने और गोली चलाने के आदेश दिए।
डीएम के निर्देश पर एडीएम-प्रशासन ने पुलिस को गोली चलाने के निर्देश दिए, मगर पुलिस कर्मी जान बचाकर भागते नजर आए। डीएम ने एक नहीं, बल्कि पांच बार आदेश दिए, मगर पुलिस ने गोली नहीं चलाई गई।
इससे प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल की कमी तो नजर आई ही। साथ ही उपद्रवियों को बल मिला और उन्होंने जमकर उत्पात मचाया। मंगलवार को दलित समाज के लोग बड़ी संख्या में रामनगर में जमा हुए थे।
उनके हाथों में अवैध हथियार, लाठी और डंडे थे। उन्होंने मल्हीपुरा रोड पर जाम लगाते हुए शब्बीरपुर की घटना में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। एडीएम-प्रशासन एसके दुबे और एसपी सिटी संजय सिंह उन्हें समझाने के लिए पहुंचे थे।
मगर इसी दौरान भीड़ में शामिल युवकों ने अधिकारियों और पुलिस पर हमला बोल दिया। दोनों अधिकारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इसके बाद भीड़ ने बेकाबू होते हुए जमकर उत्पात मचाया।
उन्होंने गाड़ियों के साथ ही रामनगर चौकी को आग के हवाले कर दिया। राहगीरों से भी मारपीट की गई। इसकी सूचना अधिकारियों ने डीएम एनपी सिंह को दी। हालात बेकाबू होते देख डीएम ने एडीएम-प्रशासन को गोली चलाने के आदेश दिए।
डीएम से मिले निर्देश के बाद एडीएम ने पुलिस को गोली चलाने को कहा, मगर पुलिस गोली चलाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। इतना ही नहीं, एसपी सिटी संजय सिंह ने भी गोली चलाने के आदेश दिए, मगर पुलिस ने उनकी भी नहीं सुनी।