सहारनपुर में जिला मिनी ओलंपिक के तहत बुधवार को हाकी, बैडमिंटन, कुश्ती, कबड्डी और खोखो के मुकाबले हुए। अनेक मुकाबले कांटेदार रहे, जिनमें प्रतिभा साबित करने के लिए खिलाड़ियों ने दम दिखाने का प्रयास किया। विजेताओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
बैडमिंटन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया। अंडर-19 बालिकाओं में नैना प्रजापति और तान्या शर्मा फाइनल में पहुंचीं। अंडर-22 में तनु ने पूजा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। तीसरे स्थान पर अदिति रही।
अंडर-15 में नंदिनी शर्मा विजेता रही, जबकि वैष्णवी दूसरे और कोमल तीसरे स्थान पर रही। अंडर-15 बालकों में विशाल और उज्जवल ने फाइनल में एंट्री की। फाइनल मुकाबले बृहस्पतिवार को होंगे।
हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार से डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में किया गया। इसमें कुल दस टीमें प्रतिभाग कर रही हैं। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला बृहस्पतिवार को होगा।
कुश्ती का आयोजन जूडो हॉल में कराया गया, जिसका उद्घाटन रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम और भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप ने किया। कुश्ती में अनेक मुकाबले रौचक रहे। कबड्डी प्रतियोगिता में 52 टीमों ने प्रतिभाग किया।
इनके अलावा हैंडबॉल और खोखो के भी मुकाबले हुए। प्रतियोगिताओं के दौरान आयोजन सचिव डॉ. एके गुप्ता, यशपाल सिंह, ईश्वरपाल सिंह, डॉ. संदीप गुप्ता, गुलाब सिंह राणा, सुनील कुमार, रमा देवी, पंकज कुमार, मनोज कुमार, योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
सरसावा के खिलाड़ियों ने किया हंगामाः मिनी ओलंपिक के तहत बुधवार को हुई कबड्डी प्रतियोगिता में सरसावा के डीसी जैन इंटर कॉलेज और एयर फोर्स स्टेशन की टीमों ने भी प्रतिभाग किया। उक्त दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
उन्होंने कई बार आयोजन सचिव डॉ. एके गुप्ता को भी घेरने की कोशिश की। कार्यक्रम में पहुंचे रामपुर विधायक देवेंद्र निम और जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप के सामने भी आयोजकों को घेरा।
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि निर्णायक अपने चहेते खिलाड़ियों और टीमों को विजेता घोषित कर रहे हैं। इसके अलावा टीमों से एक-एक हजार रुपये एंट्री के नाम पर लिए गए हैं, मगर खिलाड़ियों को नाश्ता तो दूर की बात पानी तक नहीं दिया जा रहा है। शौचालय भी पर्याप्त नहीं हैं। उधर, आयोजन सचिव डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है। चूंकि बड़ा आयोजन है। ऐसे में कोई कमी भी रह जाती है।