सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए फुलवारी आश्रम में बनाया गया ओपन मंच।
सहारनपुर। आजादी के मतवालों की बहादुरी के किस्सों और कहानियों को बयां करने के लिए फुलवारी आश्रम लगभग तैयार है। उत्तर प्रदेश सरकार जनपद के जिन स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करा रही है। उनमें यह पहला स्थल है, जिसका सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
फुलवारी आश्रम वही स्थल है, जहां शहीद ए आजम भगत सिंह ने फरारी काटी थी। 13 मई 1930 को महात्मा गांधी की गिरफ्तारी के बाद यहां भी आजादी के मतवालों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। इसी बीच शहीद ए आजम भगत सिंह दो बार सहारनपुर आए और फुलवारी आश्रम स्थित श्री कृष्ण मंदिर के ऊपर बनी गुफा में रहे थे। यहां उन्होंने गुप्त बैठकें भी की थीं पांवधोई नदी के किनारे बसा फुलवारी आश्रम आजादी के आंदोलन का गवाह रहा है।
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने फुलवारी आश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। साथ ही सरकार ने इसके विकास के लिए करीब छह करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी। इसको विकसित करने का कार्य सीएंडडीएस द्वारा किया जा रहा है। सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है। आश्रम के विकास के लिए जिस तरह की तैयारी है। निश्चित ही यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।