सहारनपुर। बच्चों को भर्ती करने के लिए टीबी अस्पताल के पास 42 बेड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर वार्ड बनाया गया है। इसमें बेड, उपकरण आ चुके हैं। बिजली की फिटिंग तक हो गई, लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है। यह हाल तब है जब गर्मी में बच्चे बीमार पड़ रहे।
बीमार बच्चों का इलाज कराने के लिए अभिभावकों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़े, इसलिए टीबी अस्पताल के समीप पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर वार्ड को इमरजेंसी कोविड रेस्पांस पैकेज-टू के तहत बनाया गया था। जिसकी लागत करीब आठ करोड़ रुपये है। यह वार्ड 42 बेड का है, जिसमें 30 बेड ऑक्सीजन युक्त और 12 पर वेंटिलेटर की सुविधा है। इसे बने करीब चार महीने से ज्यादा का समय हो गया है। बेड, उपकरणों की खरीदारी कर ली गई और उसमें रखवा भी दिए गए।
इन दिनों गर्मी के कारण बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी 100 के पार पहुंच रही। भर्ती का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन, पीडियाट्रिक वार्ड हैंडओवर नहीं किया गया। उन्होंने बताया जा रहा है कि वार्ड में कुछ दिक्कत है, इसलिए विभाग ने संबंधित कार्यदायी संस्था को कमी दूर करने के लिए पत्र लिखा है। इसको लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को मंथन किया। अब देखने की बात यह है कि अधिकारी कब तक वार्ड को हैंडओवर करते हैं।
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टीबी अस्पताल के पास बना पीडियाट्रिक वार्ड में अभी कुछ कमियां है। इसके लिए हमने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा है, ताकि वह उस कमी को दूर कर सके। इसके बाद जिला अस्पताल को वार्ड हैंडओवर कर दिया जाएगा।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी