सहारनपुर। औषधि विभाग ने ढाई महीने पहले जिन मेडिकल स्टोरों से दवाओं के नमूने लिए थे, उनमें से दो दवाओं की रिपोर्ट आ गई है। जांच में दोनों ही नमूने फेल पाए गए।
हैरानी की बात यह है कि जिन दवाओं के नमूने फेल आए हैं उनकी बिक्री बदस्तूर जारी रही और वह दवाई मरीज खा भी रहे थे। ऐसे में सवाल यह है कि नमूनों की रिपोर्ट आने से पहले उन दवाओं की बिक्री क्यों नहीं रुकवाई गई।
दरअसल, औषधि विभाग ने 19 सितंबर को जनता रोड पर मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर दर्द निवारक दवा का नमूना लिया था। इसके बाद 30 सितंबर 2024 को बेहट रोड पर श्री सिद्ध विनायक मेडिसिन डिस्टीब्यूटर्स के यहां से मल्टी विटामिन दवा का नमूना भरा था। इन दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था, जिनकी दो दिन पहले रिपोर्ट आई है। जांच में दोनों दवाइयां मानक पर खरी नहीं उतरी। खास यह है कि जांच रिपोर्ट आने तक इन दवाओं की बिक्री होती रही।
दवाओं की बिक्री पर विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण के दौरान लिए गए दवाओं के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में दो महीने तक का समय लगता है। इस दौरान ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि जिस दवा का नमूना जांच के लिए भेजा गया है, उसकी बिक्री रोकी जाए। जब नमूनों की जांच रिपोर्ट अधोमानक आती है तब संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई होती है।
मेडिकल स्टोर संचालक व निर्माता कंपनी को नोटिस : जांच में दवाओं के नमूने फेल आने पर औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालक व निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है। कहा गया कि जिन दवाओं के नमूने जांच में फेल आए हैं, उनकी बिक्री पर रोक लगा दी जाए, साथ ही जहां-जहां दवा भेजी गई है, वहां से वापस मंगा ली जाए। इसके बाद भी बिक्री हुई तो कार्रवाई की जाएगी।