- एपीआई की ओर से देहरादून रोड स्थित एक सेंटर में हुई तीसरी रुमेटोलॉजी कांफ्रेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) की ओर से देहरादून रोड स्थित एक सेंटर में तीसरी रुमेटोलॉजी कांफ्रेंस हुई। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गठिया और इससे जुड़े विभिन्न रोगों की पहचान, जांच और आधुनिक उपचार के बारे में जानकारी साझा की। चिकित्सकों ने कहा कि गठिया को सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करना मरीज के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर डॉ. अजय कुमार, सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी, एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद, सचिव डॉ. सौम्या जैन ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महापौर डॉ. अजय कुमार व सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि इस तरह के चिकित्सा आयोजनों से चिकित्सकों का ज्ञान बढ़ता है। एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद ने कहा कि रुमेटोलॉजी कांफ्रेंस से चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि होगी।
कांफ्रेंस में लखनऊ से आए डॉ. विकास अग्रवाल ने स्क्लेरोडर्मा बीमारी के लक्षण और उपचार की जानकारी दी। वड़ोदरा से आए डॉ. हिमांशु पाठक ने रुमेटाइड आर्थराइटिस पर व्याख्यान दिया। देहरादून के डॉ. सुनील मिश्रा ने ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों का उपचार जल्द शुरू करने पर जोर दिया। डॉ. संदीप ग्रोवर ने एसएलई बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नई दिल्ली की डॉ. सुजाता साहनी ने बच्चों में गठिया संबंधी रोगों की पहचान और उपचार पर चर्चा की। डॉ. ललित दुग्गल ने कहा कि गठिया के मरीजों की आंखों की जांच भी सही तरीके से की जानी चाहिए।
बिलासपुर से आए डॉ. अमित दुआ ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर डॉ. नीरज जैन, डॉ. नीतू जैन, डॉ. साक्षी मलिक, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. एके जैन, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. मोहन पांडेय आदि मौजूद रहे।