प्रदेश भर के मरीज उठा रहे ई-संजीवनी ओपीडी का लाभ
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में अक्तूबर 2020 से संचालित ई-संजीवनी ओपीडी (टेली मेडिसिन) सेवा का लाभ प्रदेश भर के मरीजों को मिल रहा है। सहारनपुर से अधिक प्रयागराज और लखनऊ के मरीज कॉल और वीडियो कॉल कर चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं। हालांकि बीते कुछ दिन से परामर्श लेने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है।
कोरोना काल में जब कुछ लोग इलाज के लिए भी अस्पतालों में जाने से कतरा रहे थे। ऐसे में ई-संजीवनी सेवा कारगर साबित हुई, जिसमें टेली मेडिसिन के रूप में मरीजों को सेवा दी जा रही है। एसबीडी जिला अस्पताल में बनाई गई ओपीडी में तीन एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती है, जिनमें डॉ. किरणकांत, डॉ. गौरव और डॉ. मंजीत शामिल हैं। यह डॉक्टर सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बैठकर फोन कॉल और वीडियो कॉल अटेंड कर मरीजों की पीड़ा सुनते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 20 से 25 यानी हर माह 600 से 750 मरीज यहां से उपचार ले रहे हैं। शुरुआत में लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या महीने में 1200 से अधिक तक थी।
ऐसे ले सकेंगे सेवा का लाभ
जिले में 19 सीएचसी और 40 पीएचसी हैं। यदि सीएचसी या पीएचसी पर तैनात चिकित्सक को मरीज को परामर्श देने में कोई तकलीफ आए तो वह ई-संजीवनी ओपीडी पर फोन कॉल कर या वीडियो कॉल कर मरीज की बात करा सकता है। इसके अलावा ई-संजीवनी एप डाउन लोड कर आम आदमी सीधे भी ई-संजीवनी ओपीडी से कनेक्ट होकर लाभ ले सकता है।
ये है ओपीडी का लाभ लेने की प्रक्रिया
ई-संजीवनी एप डाउनलोड करने के बाद उसके तहत ओपीडी से जुड़कर चिकित्सक से परामर्श लिया जा सकता है। स्मार्ट फोन पर ई-संजीवनी एप डाउनलोड करने के बाद उसे खोलने पर वह जानकारी मांगेगा, जिसे फीड करते ही आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। ओटीपी फीड करते ही पूरी प्रक्रिया चंद मिनट में फोन पर शुरू हो जाती है। फिर डॉक्टर को समस्या बताने के पांच मिनट में ही मोबाइल पर दवा की पर्ची आ जाती है। दवाएं भी ऐसी बताई जाती हैं, जो किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाएं।
ई-संजीवनी ओपीडी बीते कई माह से सफलता के साथ काम कर रही है। जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों को तैनात किया गया है, जो आठ घंटे रहकर मरीजों की कॉल सुनते हैं और उन्हें परामर्श देते हैं। अभी तक हजारों मरीज लाभ ले चुके हैं। खास बात यह है कि लाभ लेने वालों में प्रदेश भर के मरीज शामिल हैं।
- डॉ. रमेश चंद्रा, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल