मुनचुन कुमार ने बताया
अमृतसर से बिहार के सीतामढ़ी जा रहे मुनचुन कुमार ने बताया कि परिवार के साथ ट्रेन में सवार हैं और अभी यह नहीं पता कि वह कब अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। जालंधर से मधेपुरा बिहार जा रहे सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अचानक ट्रेन को रोका गया तो उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ, लेकिन जैसे ही उन्हें पता लगा कि आगे रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त है और ट्रेन को आकस्मिक ब्रेक लगाकर रोका गया तक उनकी जान में जान आई।
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लुधियाना से सहरसा बिहार जा रहे विकास ने बताया कि करीब दो घंटे से ट्रेन गांव के पास एक सुनसान जगह पर रुकी हुई है। उनके पास सीमित मात्रा में भोजन सामग्री है, परिवार साथ है पता नहीं और कितनी देर जंगल में रुकना पड़े।
शैंकी का कहना है कि
बिजनौर निवासी शैंकी का कहना है कि ट्रेन के सहारनपुर में निरस्त होने से परेशानी हुई। रेलवे अधिकारियों से बात की गई तो सही से जवाब नहीं मिला।
टिकट काउंटर पर टिकट वापसी को लेकर लगी भीड़।
नौशाद बताते हैं कि
मुरादाबाद निवासी नौशाद बताते हैं कि उनके बच्चे का इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है। वह बच्चे को देखने के लिए चंडीगढ़ जा रहे हैं, लेकिन ट्रेन के निरस्त होने से बस से ही सफर तय करना पड़ा।