मुख्यमंत्री के पुतले को छीनने में पुलिसकर्मियों और कांग्रेसियों में जमकर हाथापाई हुई। नतीजा यह हुआ कि कांग्रेसी पुतला नहीं फूंक सके।
ऐसे में कांग्रेसियों की नाराजगी और बढ़ गई, जिन्होंने सपा सरकार के साथ ही पुलिस के खिलाफ भी अपनी भड़ास निकाली। आरोप था कि सपा सरकार में प्रदेश में जंगलराज है। नेता और अधिकारी मिलकर जनता का बेवकूफ बना रहे हैं।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को कार्यकर्ता जिला कांग्रेस मुख्यालय पर जमा हुए थे। यहां से वह जिला एवं महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। उन्होंने गुरुद्वारा रोड पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंकना चाहा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी उनसे पुतला छीनने लगे।
इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर हाथापाई हुई। पुलिस ने पुतला छीन लिया। नाराज कांग्रेसियों ने सपा सरकार और पुलिसकर्मियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जिलाध्यक्ष शशी वालिया ने कहा कि जब से प्रदेश में सपा की सरकार आई है, तब से कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
रोजाना हत्या, दुष्कर्म, डकैती, लूट और चोरी की घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश सरकार और पुलिस जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही हैं। आरोप लगाया कि पहले लखनऊ और अब सहारनपुर में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे कांग्रेसियों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया।
प्रदेश सचिव महफूज राना ने प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। महानगर अध्यक्ष इमरान कुरैशी, जिला प्रवक्ता गणेशदत्त शर्मा और महानगर प्रवक्ता जब्बार अहमद ने प्रदेश सरकार पर स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों में संजीव कौशल, काजी शौकत हुसैन, धीर सिंह वालिया, धर्मवीर जैन, संजय वालिया, इकराम, राहुल त्यागी, सतीश शर्मा, राजकुमार सैनी, सुखबीर सिंह आदि रहे।