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जिला और क्षेत्र पंचायत चुनाव का परिणाम

Mon, 02 Nov 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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सियासी दलों के चुनौती बने पंचायत चुनाव के परिणाम ने हाथी की चाल को मतवाली कर दिया है और उसकी धमक से कई दिग्गज भी धराशाई हो गए हैं। देर रात तक जिला पंचायत क्षेत्र की मतगणना में 20 से ज्यादा  सीटों पर बसपा के पक्ष में रुझान आता दिखाई दिया।
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 इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस और सत्ताधारी समाजवादी पार्टी अपने वजूद को साबित करने में जुटे हैं। ताजा परिणामों और रुझानों से साफ है कि के गढ़ में सेंध लगाना दूसरे दलों के लिए चुनौती बनी हुई है। उधर, बसपा एमएलसी के भाई की पत्नी चुनाव जीत गई और निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में पूर्व विधायक मनोज चौधरी की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्री चौधरी  को शिकस्त मिली है। उधर, मतगणना स्थलों पर देर रात रुझानो पर ढोल नगाड़े बजते रहे।


दरअसल, मतगणना के रुझानों से जिला पंचायत की तस्वीर काफी हद तक साफ होने लगी है। 49 सीटों वाली इस जिला पंचायत के चुनाव में आधी सीटों से ज्यादा पर बसपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई हुई है। दो सीटों पर परिणाम आया और दोनों ही बसपा के खाते में गए।
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उधर, देर रात वार्ड-8 से एमएलसी हाजी इकबाल के भाई की पत्नी शमीम राणा, पूर्व ब्लाक प्रमुख धनश्याम चौधरी की पत्नी मुनेश चौधरी चुनाव जीत गए। पार्टियों में बड़े पैमाने पर हुए विद्रोह और भीतरघात के चलते  चुनाव ना केवल कांटे का हो चुका था।

मगर, प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके चुनाव में बसपा ने अपनी जमीन को कमजोर नहीं होने दिया। इससे पहले पिछले 15 वर्षो से बसपा ही सहारनपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाए हुए थी।  ऐसे में उसके सामने अपनी कुर्सी को बचाने की चुनौती थी और दूसरे दलों के सामने बसपा के गढ़ में सेंधमारी कर अपनी ताकत दिखाने का मौका था। आपको बता दें कि पंचायत चुनाव को सीधे तौर पर विधानसभा 2017 के सेमीफाइनल के रुप में देखा जा रहा है।

हालांकि पंचायत चुनाव में हर सीट पर कांटे की टक्कर के चलते हर प्रत्याशी और सियासी दलों ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया था। पंचायत चुनाव का परिणाम ना केवल सियासी दलों के नेताओं का कद तय करेगा बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उनका भविष्य भी तय कर सकता है।
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