सहारनपुर। आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी शासन की ओर से आशाओं के साथ-साथ पंचायत सहायकों को भी दी गई है, लेकिन, पंचायत सहायक आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। आलम यह है कि उनकी शिथिलता और रुचि नहीं लेने से विभाग उनको बार-बार निर्देश दे रहा है। उन्हें प्रतिदिन 80 आयुष्मान कार्ड की केवाईसी कराना अनिवार्य है।
भारत सरकार की आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना महत्वाकांक्षी योजना है। जनपद में इस योजना से 24 राजकीय और 54 निजी चिकित्सालय जुड़े हैं। 1,15,023 लाभार्थी परिवार हैं। 8,67,367 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इनमें से अभी तक 4,53,200 आयुष्मान कार्ड बने हैं। जबकि 4,41,167 आयुष्मान कार्ड बनने अभी शेष हैं। प्रदेश में जनपद की दूसरी रैंक हैं। पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड जनसेवा केंद्रों के अलावा एसबीडी जिला अस्पताल में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आशा भी आयुष्मान कार्ड बना रहीं है। पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों को भी आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी शासन की ओर से दी गई है। 700 से अधिक पंचायत सहायकों को दीपावली पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एप का प्रशिक्षण दिया गया था, साथ ही उनकी यूनिक आईडी भी बनाई गई। योजना की समीक्षा करने पर जनपद की प्रगति अत्यंत धीमी है। उक्त प्रगति से स्पष्ट है कि पंचायत सहायक आयुष्मान कार्ड बनाने में शिथिलता बरत रहे हैं या फिर वह रुचि नहीं ले रहे। ऐसे में जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा गया कि वह पंचायत सहायक को निर्देश दे कि उक्त योजना के तहत आयुष्मान कार्ड को बनाने की प्रगति की गति को बढ़ाएं।
पोर्टल में दिक्कत होने से नहीं बन पा रहे आयुष्मान
आयुष्मान भारत योजना के जिला कोआर्डिनेटर डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि शनिवार को सुबह से पोर्टल में तकनीकी खामियां होने से बंद पड़ा है। जिसकी वजह से पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है। यह समस्या पिछले करीब एक महीने से बनी हुई है। यही कारण है कि आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार नहीं बढ़ रही।