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खादर क्षेत्र में बर्बादी के कगार पर पहुंची धान और गन्ने की फसल

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चौधरी मारूफ - फोटो : SAHARANPUR
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चिलकाना (सहारनपुर)। तीन दिन से पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी पूरे खादर क्षेत्र में फैला हुआ है। सैकड़ों बीघे जमीन में खड़े धान तथा गन्ने की फसल को भारी नुकसान की संभावना है। बूढ़ी यमुना नदी में आई बाढ़ के पानी से गांव नारायणपुर से लालवाला जाने वाली सड़क बीच में टूट गई है। जिस कारण दोनों गांव का संपर्क टूटा है। खादर क्षेत्र में बारिश का पानी लगातार रहने से यहां जमीन का जलस्तर ऊपर आ जाता है तथा खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहता है। खेतों में पानी भरे रहने से सभी फसलों को नुकसान हो रहा है।
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- गांव नारायणपुर लालवाला के प्रधान राजबीर सिंह ने बताया कि चार दिन से बूढ़ी यमुना नदी में पानी लगातार आ रहा है। धान की फसल पूरी तरह से डूबी हुई है तथा गन्ना गिर गया है। जिससे दोनों फसलों की पैदावार पर प्रभाव पड़ रहा है।
- गांव टोडरपुर भूखड़ी के पूर्व प्रधान चौधरी संजय ने बताया कि यमुना में पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसके अलावा गांव पंचकुआं के पास बहने वाली नदी का पानी टोडरपुर, नारायणपुर, भूखड़ी, टाप्पू माजरी तथा दूधगढ़ के जंगल में फैल गया है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा धान की फसल होती है, जो पानी में डूबी हुई है।
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- सुल्तानपुर के किसान सीताराम सैनी ने बताया कि मसखरा नदी का पानी खादर क्षेत्र में फैल जाता है। खादर क्षेत्र में पहले से ही पानी का जलस्तर ऊपर रहता है। नदी का पानी आने से यह जलस्तर अब लंबे समय तक रहेगा। जिस कारण यहां होने वाली सभी फसलों को नुकसान की संभावना है।
- गांव नथमलपुर के प्रगतिशील किसान चौधरी मारूफ ने बताया कि उनके गांव का पूरा रकबा खादर क्षेत्र में है। इस क्षेत्र में ऊपर स्थित गांव दौलतपुर, रावणपुर का पानी आता है। जिस कारण गांव के सभी खेतों में पानी भरा रहता है। यहां पानी की निकासी न होने के कारण किसान परेशान हैं।

चौधरी संजय- फोटो : SAHARANPUR

राजबीर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

सीताराम सैनी- फोटो : SAHARANPUR

चिलकाना खादर क्षेत्र के खेत में भरा नदी का पानी- फोटो : SAHARANPUR

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