सहारनपुर। कोरोना काल में करोड़ाें रुपये खर्च कर स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट के बावजूद अस्पताल सिलिंडर खरीद रहा है। सवाल यह है कि जब ऑक्सीजन प्लांट हैं तो बाहर एजेंसियों से सिलिंडर क्यों खरीदे जा रहे हैं।
कोरोना काल में ऑक्सीजन की भारी किल्लत को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी नानौता, नकुड़, रामपुर मनिहारान, फतेहपुर, सरसावा, गंगोह, जड़ौदा पांडा, रणखंडी और नागल में ऑक्सीजन प्लांट और कंसेंट्रेटर स्थापित किए गए थे। ऑक्सीजन प्लांटों की क्षमता 250 से 850 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) है। ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत में कमी जरूर आई है, लेकिन खरीदारी बंद नहीं हुई। महिला अस्पताल में एक महीने में करीब 1,500 ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जा रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में प्रति महीने 150 से 175 सिलिंडर आ रहे हैं। वहीं, अस्पताल बिजली आपूर्ति बंद होने और तकनीकी खामी आने पर ऑक्सीजन सिलिंडर इस्तेमाल करने का तर्क दिया जा रहा है।