सहारनपुर के पटेल नगर में विद्युत लाइन ठीक करते कर्मी
सहारनपुर। गर्मी के बीच बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, जिसकी वजह से लोग गर्मी में बिलबिला रहे हैं। बिजली के अघोषित कट और लो वोल्टेज की समस्या दो महीने से बनी हुई है। साथ ही बाहरी कॉलोनियों और गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है।
छह दिन पहले हुई बूंदाबांदी के बाद से जनपद में तापमान 38 से कम चल रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 29 और अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में धूप हल्की रही, लेकिन हवा नहीं चलने की वजह से गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। बाहर की तुलना में घरों के अंदर गर्मी ने अधिक परेशान किया, क्योंकि अंदर उमस रही। इस बीच बिजली ठीक से नहीं मिली तथा पेयजल संकट बना रहना परेशानी को और बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने 27 जून तक मौसम के ऐसे ही बने रहने का अनुमान जताया है। विभाग को 28 जून से मानसून आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि उसके बाद विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा, क्योंकि खपत कम हो जाएगी।
- ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति रही बाधित
सहारनपुर। बिजली की अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज के साथ ही ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मरों में आग लगना और तार टूटने का सिलसिला अलग से जारी है। रविवार को चौक फव्वारा पर ट्रांसफार्मर फुंकने से दो इलाकों की बिजली तीन से चार घंटे गुल रही। इससे पूर्व जैन बाग बिजलीघर में में मशीनों में खराबी आने पर 25 कॉलोनियों की विद्युत सप्लाई बाधित रही। जिस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो दिन पहले दिल्ली रोड पर गुर्जर भवन के पास ट्रांसफार्मर फुंकने आठ कॉलोनियों की बिजली 16 घंटे बाधित रही। इसी तरह बड़गांव और देवबंद फीडर से जुड़े 40 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति 15 घंटे बंद रही।
दूर नहीं हो रहा पेयजल संकट
गर्मी और बिजली के साथ-साथ लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए भी तरस गए हैं। वार्ड आठ के ज्ञानागढ़, बिशनपुर और कई कॉलोनियों में पानी ही नहीं पहुंच रहा। चिलकाना रोड के हलालपुर, बासठ फुटा रोड क्षेत्र की जन्नत कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों, कमेला क्षेत्र की नदीम और एकता कॉलोनी में पानी ना के बराबर पहुंच रहा है। वार्ड 66 और 46 में पेयजल की समस्या बनी हुई है। कहीं रेतीला पानी पहुंच रहा है तो कहीं पानी मुश्किल से दो घंटे मिल रहा है। अधिशासी अभियंता वीबी सिंह का कहना है कि शहर को पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन लीकेज आदि के कारण कई बार सप्लाई बाधित हो जाती है।