सहारनपुर। मलेरिया, टायफाइड, डेंगू और संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर साल कार्ययोजना बनाता है, अभियान चलाने के दावे करता है, लेकिन जब बीमारियां शुरू होती हैं तो धरातल पर सारी योजनाएं ध्वस्त हो जातीं हैं। चिकित्सकों की कमी से स्थिति और भी बिगड़ गई है। ऐसे में बीमारियों के सीजन में स्वास्थ्य सेवाओं की अमर उजाला की पड़ताल करती रिपोर्ट।
जिले में बीमारियों का सीजन शुरू हो चुका है। बुखार ने धीरे-धीरे लोगों को जकड़ना भी शुरू कर दिया है। पिछले महीने विभाग ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया था। जांच के दौरान 110 लोगों में बुखार होने की पुष्टि हुई। अगर पिछले साल की बात करें तो शहर से सटे टपरी गांव में बुखार ने जमकर कहर बरपाया था। इस गांव में बुखार से कई लोगों की मौत हुई थी। इतना ही नहीं गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकलां में भी बुखार का अधिक प्रकोप रहता है। इन गांवों के लोगों का कहना है कि अभी तक गांव में न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम आई और न ही कोई छिड़काव कराया गया।
-- क्या कहते हैं लोग
- ठोल्ला फतेहपुर निवासी अजीत राणा का कहना है कि पिछले साल कई लोगों की डेंगू की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद गांव में पर्याप्त सफाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में बीमारी से बचाव के लिए जागरूक नहीं किया जाता है।
- गांव तर्बकपुर के पतिराम चौधरी का कहना है कि उनके गांव में भी संचारी रोगों से बचाव के लिए कोई ठोस कदम स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं उठाएं जाते हैं। जिससे लोगों को बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
-- कुंडाकला निवासी मसरूर राणा का कहना है कि अधिकतर मौसमी बीमारियों की शुरूआत कुंडाकला, दौलतपुर गांवों से होती है। गांव में जगह-जगह जलभराव है। अभी तक गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई भी टीम ने एंटी लारवा का छिड़काव नहीं कराया है।
-- गांव बहरामपुर कांसेपुर निवासी राजेश पंवार का कहना है कि पिछले साल वायरल के मरीजों की काफी संख्या थी। गांव में बुखार ने तेजी के साथ लोगों को चपेट में लिया था। लेकिन इस बार अभी तक गांव में कोई टीम नहीं पहुंची है।
--टपरी निवासी तालिब का कहना है कि उनके गांव में पिछले वर्ष बुखार की चपेट में आकर कई लोगों की जान गई थी। कई बार वह शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन गांव में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। घरों के पास ही लंबी-लंबी झाड़ियां खड़ी हैं।
--वर्जन
हमारी टीमें लगातार गांवों का भ्रमण कर रही हैं। बुखार के संवेदनशील गांवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। गंदगी और जलभराव को लेकर पंचायत राज विभाग को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
--वर्जन
इन दिनों गांवों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन गांवों में बीमारियों का प्रकोप रहता है, वहां टीम भेजकर सफाई कराई जा रही है। यह समय मौसमी बीमारियों का है, इसलिए अपनी सभी टीमों को सफाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं। - आलोक शर्मा, डीपीआरओ, पंचायत राज विभाग