सहारनपुर में संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती में ओबीसी और सामान्य वर्ग को लिए जाने से सफाई कर्मचारी संगठनों में रोष है। उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने विरोध में प्रदर्शन किया।
शर्त रखी की यदि ओबीसी और सामान्य वर्ग के लोग भर्ती होना चाहते हैं तो भर्ती होने से पहले उन्हें सीवर, फ्लैैश और नाले साफ करके दिखाने होंगे।
नगर निगम परिसर में आयोजित धरने पर बृजमोहन चनालिया और बाबूराम बेधड़क ने कहा कि सफाई करना वाल्मीकि समाज का पेशा रहा है।
जब वेतन कम होता था, तब तो सरकार ने ओबीसी और सामान्य को इसमें भर्ती करने की नहीं सोची। अब वेतन अच्छा हो गया है तो सरकार भी ओबीसी और सामान्य को इसका लाभ देने को तैयार हो गई है।
कहा कि ओबीसी और सामान्य वर्ग के लोग पहले भी भर्ती हुए थे, जो सफाई का काम हीं नहीं करते हैं। आरोप लगाया कि यह लोग या तो कार्यालय में काम करते है अथवा अपने वेतन से थोड़ा बहुत वेतन वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों को देकर उनसे काम कराते हैं और खुद घर बैठकर पूरा वेतन लेते
हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि ओबीसी और सामान्य को भर्ती से बाहर रखा जाए। मनमोहन सूद, अब्दुल गफ्फार, महेंद्र बेदी, अनवर सादात, रमेश कश्यप ने कहा कि यदि किसी ओबीसी और सामान्य को भर्ती होना है तो उन्हें पहले फ्लैश, सीवर और नालों की सफाई करके दिखानी होगी। अन्यथा
उनको भर्ती नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में राधेश्याम बहौत, अर्जुन वाल्मीकि, फोनीराम नाग, सुरजीत घाघट, विकास, अमित, रुपेश, सुशील, विनोद, राकेश, कंवल, कुलदीप, अशोक, मोहन सिंह, गोरा, तेपाल आदि रहे।