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प्रभारी मंत्री के छापे से खुली अफसरों के दावों की पोल

Tue, 03 Oct 2017 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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बेहट के नानौली और बरथा घाट पर हो रहे अवैध खनन की जांच करने ट्रैक्टर से जाते प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हाईकोर्ट का प्रतिबंध, खनन माफिया पर शिकंजा कसने की बात मुख्यमंत्री और सूबे की सरकार का एजेंडा, जिलाधिकारी और एसएसपी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में शपथ पत्र देकर खनन पर पूरी तरह से बंद होने की बात कह चुके हैं, लेकिन इसके  बाद भी खनन खा खेल जारी था। कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही के छापे से अफसरों के दावों की पोल खुल गई है।  
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खनन के इस खेल पर भाजपा कार्यकर्ता भी मुखर है, शाकंभरी देवी मंदिर के दर्शनों के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने डीएम और एसपी पर खुलकर आरोप लगाए और कहा कि सरकार की छवि खराब हो रही है। कार्यकर्ताओं का आक्रोश देख कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही सीधे थाना बेहट पहुंच गए।

उन्होंने एसओ से बात की तो एसओ ने बताया कि अवैध खनन की शिकायत पर यमुना की ओर आए है। कृषि मंत्री को भी लगा कि वह झूठ बोल रहे हैं, इसके बाद वह खुद यमुना नदी पर पहुंच गए। वहां खनन का हाल देख मंत्री खुद भौचक्क रह गए। उन्होंने पुलिस को तीन जेसीबी मशीन और करीब तीन दर्जन वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए।
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कृषि मंत्री ने ग्रामीणों सेे बातचीत कर पूरी जानकारी ली। करीब एक घंटे की जांच में यह बात सामने आई कि यहां अवैध खनन का खुला खेल लगातार चल रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।

इस दौरान जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, जिला प्रभारी देवब्रत त्यागी, कीरत सिंह, नीरज गुप्ता, सतपाल सिंह, चेतन सैनी, रघुराज सिंह, अखिल वत्स, राहुल कश्यप, सविता चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सुबह से चल रहा था पुलिस का खेल ः ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर दिन यहां से सैकड़ों अवैध खनन कर रेत से लदे वाहन निकलते हैं। सोमवार को भी रेत से लदे वाहनों को लेकर पुलिस के बीच सुबह से ही खेल चल रहा है। इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई तक नहीं की।

हरियाणा की आड़ में अवैध खनन ः सहारनपुर में हरियाणा की आड़ में भी बड़ेे पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। एनजीटी ने सहारनपुर में खनन और खनन परिवहन पर प्रतिबंध लगाया है। मगर, हरियाणा और उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर प्रतिदिन खनन सामग्री यहां लाई जा रही है। अहम बात यह है कि डीएम की ओर से खनन सामग्री लाने की अनुमति दी गई। उसकी आड़ में अवैध खनन ढोया।

ट्रैक्टर पर बैठ कर किया निरीक्षण
प्रभारी मंत्री मौके पर पहुंचे तो अवैध खनन करने वालों के हौसले देखकर वह दंग रह गए। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही अवैध खनन करने वाले और कुछ वाहनों को लेकर भाग खड़े हुए।

प्रभारी मंत्री शाही ने ट्रैक्टर मंगवाकर उस पर बैठे और नदी तक मुआयना करने पहुंचे। ट्रैक्टर पर उनके साथ ग्रामीण भी पहुंचे। करीब एक घंटे तक नदी के किनारे और अवैध खनन किए गए क्षेत्रों का मुआयना कर प्रभारी मंत्री ने हकीकत जानी।

सीआे बेहट आैर नकुड़ से जताई नाराजगी
प्रभारी मंत्री के छापे की खबर मिलने पर सीओ बेहट इंदू सिद्धार्थ और नकुड़ सीओ यतेन्द्र नागर भी मौके पर पहुंचे। वहां प्रभारी मंत्री ने जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि यह सब आप लोगों की जानकारी में हो रहा है और नहीं हो रहा है तो भी जिम्मेदारी आपकी है। खुलेआम इतना बड़ा खनन का खेल हो रहा है और आप लोग आंखें मूंदे हैं। यह लापारवाही नहीं तो क्या है। कायदे कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए। 

फोर्स मौके पर पहुंची 
प्रभारी मंत्री के निरीक्षण और बड़े पैमाने पर अवैध खनन के खुलासे के बाद मौके पर भारी फोर्स पहुंच गई। वहां करीब तीन दर्जन से ज्यादा अवैध खनन से भरे वाहन और जेसीबी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा वहां देर रात तक फोर्स पकड़े गए वाहनों के साथ डटी रही। 

जिले के आला अफसरों पर गिर सकती है गाज
प्रभारी और प्रदेश के कृषि मंत्री के छापामारी में अवैध खनन का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। प्रतिबंध के बावजूद खनन होते हुए पकड़े जाने पर प्रभारी मंत्री ने कार्रवाई के साफ-साफ संकेत दे दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि अवैध खनन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिससे माना जा रहा है कि जिले के कई अफसरों पर गाज गिर सकती है। एनजीटी ने दिसंबर 2016 में खनन एवं खनन सामग्री के परिवहन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद सहारनपुर में अवैध खनन होने की शिकायतें शासन को लगातार मिलती रहीं।

शासन द्वारा जवाब मांगे जाने पर अधिकारी लगातार रिपोर्ट देते रहे कि जिले में कहीं भी न तो किसी प्रकार का खनन हो रहा है और न ही खनन सामग्री का परिवहन हो रहा है। यहां तक कि प्रशासन की ओर से एनजीटी में शपथ पत्र भी दाखिल कर दिया गया। डीएम की ओर से छूट मिलते ही खनन माफिया खनन पर टूट पड़े। चंद वाहनों को अनुमति दिए जाने की आड़ में कई स्थानों पर अवैध खनन भी होने लगा। 
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