सहारनपुर। भाजपा महानगर और जिला की कार्यसमिति में पुराने चेहरों पर नया दांव खेला गया है। पहले चार महामंत्री होते थे, लेकिन इस बार संगठन ने तीन-तीन महामंत्री रखे हैं। दोनों जगह जातियां और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश दिखाई दी। विभिन्न पदों पर रह चुके पुराने चेहरों को जिला और महानगर में शामिल किया गया। वहीं, विभिन्न वर्गों और बिरादरियों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
नई कार्यकारिणी में तीन-तीन महामंत्री, आठ-आठ उपाध्यक्ष, आठ-आठ मंत्री और एक कोषाध्यक्ष शामिल हैं। जबकि पहले चार-चार महामंत्री होते थे। महानगर की कार्यकारिणी की बात करें तो संगठन ने इस बार करीब 13 से 14 जातियों को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। महिलाओं की भागीदारी भी इस बार बढ़ाई गई है। पिछली कार्यकारिणी में जहां तीन महिलाएं पदाधिकारी थीं, वहीं इस बार पांच महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. नीलू राणा को महानगर मंत्री से पदोन्नत कर उपाध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व पार्षद और महिला मोर्चा की महानगर महामंत्री कंचन धवन को भी महानगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला मोर्चा की अध्यक्ष रहीं आरती शर्मा को संगठन में महानगर मंत्री बनाया गया है। बबीता को दोबारा महानगर मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ओबीसी मोर्चा की महानगर उपाध्यक्ष रहीं सोनम कश्यप को महानगर मंत्री बनाकर कश्यप समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
संगठन में अन्य सामाजिक वर्गों को भी स्थान दिया गया है। खटीक समाज से राजेश जौहरी को महानगर मंत्री बनाया गया है, जबकि एससी समाज से ललित कटारिया को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। पुवारंका मंडल के निवर्तमान अध्यक्ष अजय सिंह उर्फ ठाठ सिंह को भी महानगर मंत्री बनाया गया है। गढ़वाली समाज को साधने के लिए संदीप रावत को महानगर उपाध्यक्ष बनाया गया है। सिख समाज से सरदार सुपनीत सिंह को महानगर महामंत्री बनाया गया है, जबकि सेन समाज से मनोज ठाकुर को दोबारा उपाध्यक्ष बनाया गया है। अमित गर्ग को भी लगातार दूसरी बार उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नई कार्यसमिति में अनुभव और सामाजिक संतुलन के संयोजन से संगठन को मजबूती मिलेगी।
जिला कार्यकारिणी में भी तीन महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व
महानगर की तरह जिला कार्यकारिणी में भी जातिगत कार्ड खेला गया। डॉ. पवन संवई और विजेंद्र चौधरी, दोनों अध्यक्ष पद के दावेदार भी थे, लेकिन अजीत सिंह राणा बाजी मार गए थे। ऐसे में दोनों को कार्यकारिणी में रखा गया है। विजेंद्र चौधरी पहले महामंत्री के पद पर थे, अब उन्हें उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह डॉ. पवन संवई पहले महामंत्री थी। इस कार्यकारिणी में भी उन्हें महामंत्री रखा गया है। जिला कार्यकारिणी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व दर्शाते हुए तीन महिलाओं को भी शामिल किया गया है। जिला उपाध्यक्ष पद रक्षा नामदेव और रूचि यादव, जबकि जिला मंत्री के दौरान सारिका वालिया को रखा गया है।
सोशल मीडिया पर उठ रहे विरोध के सुर
सूची जारी होने के बाद कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी दिखाई दे रही है। लोकसभा के सोशल मीडिया के सहसंयोजक जगदीप सिंह ने अपनी फेसबुक पर पोस्ट किया। इसमें लिखा कि सिख समाज की आन बान शान और अत्यंत कद्दावर नेता को महामंत्री बनाए जाने पर बधाई। आशा है कि 2012 में बसपा को लाखों वोट दिलवाने की तरह अब वो अपनी पार्टी को भी लाखों वोट दिलवाकर नया इतिहास रचने का काम करेंगे। इसी तरह एक भाजपा कार्यकर्ता ने लिखा कि पहले की भाजपा और अबकी भाजपा। पहले भाजपा परिवार की तरह थी, जहां कार्यकर्ताओं को संगठन की असली ताकत मानते थे।
इसी तरह पूर्व पार्षद व पूर्व मंडल अध्यक्ष पुनीत चौहान ने लिखा कि जिस तरह खोदाई में पुराने मंदिर निकलते हैं, उसी तरह वर्तमान में कई पदाधिकारी और नेताओं की पुरातत्व विभाग से जानकारी ली जाए तो यह पुराने सपाई, बसपाई और कांग्रेसी निकलेंगे और मूल कार्यकर्ता शक्ल देख रहा।