फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दिन शेष, कैसे होगी हजारों लोगों की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए दो मई को मतगणना होगी। मतगणना एजेंट बनने वालों को कोविड 19 की नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दिखानी होगी, लेकिन जितने प्रत्याशी हैं, यदि उन सभी का एक एजेंट बनना है तो वह आंकड़ा 22 हजार से ज्यादा है। ऐसे में इन सभी को अपनी जांच कराना इतना आसान नहीं है।
विज्ञापन

यह इसलिए क्योंकि जिले में रोजाना करीब 4300 सैंपल कोविड जांच के लिए इकट्ठा होते हैं। इनमें से करीब 2000 जांच एंटीजन किट से होती हैं, बाकी आरटी-पीसीआर से होती है। आरटी-पीसीआर जांच आने में चार से पांच दिन तक का समय लग रहा है। क्योंकि सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1500 ही आरटी-पीसीआर जांच हो रही है।
उधर, प्रशासन की तरफ से निर्देश है कि मतगणना एजेंट बनने वाले को 72 घंटे पहले की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अवश्य दिखानी होगी। हालांकि इन्हें आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाने की बाध्यता नहीं है, बल्कि एंटीजन किट से हुई जांच की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट भी मान्य होगी, लेकिन मतगणना एजेंट बनने के आवेदन 30 अप्रैल से पहले तक ही स्वीकार किए जाएंगे। लिहाजा अब सिर्फ बृहस्पतिवार का ही दिन शेष है, जिसमें लोगों को अपनी कोविड जांच रिपोर्ट के साथ आवेदन करना होगा।
विज्ञापन

सरकारी के साथ प्राइवेट लैब का सहारा
जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो दो सेंटर सैंपल कलेक्शन के लिए बनाए गए हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल और शहर के पुराना अस्पताल, आईएमए भवन सहित छह स्थानों पर सैंपलिंग होती है तो स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल वैन भी सैंपल कलेक्शन में लगाई गई हैं। बावजूद इसके इतनी बड़ी संख्या में लोगों को कोविड जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब का भी सहारा लेना पड़ सकता है।
विज्ञापन

पदनाम ------ पदों की संख्या -- कुल प्रत्याशी
ग्राम पंचायत प्रधान --- 884 --------- 6329
ग्राम पंचायत सदस्य -- 11,262 ----- 10965
क्षेत्र पंचायत सदस्य ---- 1207 -------- 4886
जिला पंचायत सदस्य --- 49 -------- 537
योग ------------------- 13402 ------- 22717
मतगणना एजेंट बनने के लिए एंटीजन किट से कराई जांच की निगेटिव रिपोर्ट भी मान्य होगी।
कोविड जांच इसलिए जरूरी है, ताकि किसी भी संक्रमित व्यक्ति को मतगणना स्थल पर पहुंचने से रोका जा सके। -- अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें