टोल टैक्स खत्म करने, सड़क सुरक्षा बिल में संशोधन सहित अन्य मांगों को लेकर आल इंडिया मोटर कांग्रेस के आह्वान पर जिले में भी बृहस्पतिवार मध्यरात्रि से ट्रकों का चक्का जाम कर दिया गया। जनपद में करीब 200 ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लगभग 3000 छोटे बड़े मालवाहक वाहनों का संचालन बाधित रहा। केवल उन्हीं ट्रकों का आवागमन हुआ जो मध्यरात्रि से पूर्व की बुकिंग के रहे। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक जनपद में करीब डेढ़ करोड़ का ट्रांसपोर्ट कारोबार हड़ताल से प्रभावित रहा।
हड़ताल का सबसे अधिक असर शहर के अंबाला रोड, बोमनजी रोड और चिलकाना रोड स्थित ट्रांसपोर्ट प्रतिष्ठानों पर नजर आया। इन जगहों पर ट्रकों का संचालन नहीं हुआ और ट्रकों को सड़कों किनारे ही खड़ा कर दिया गया। कुछ व्यापारी ट्रांसपोर्टरों के यहां पहुंचे लेकिन उनसे कहा गया कि हड़ताल फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए है। हड़ताल की बाबत नए निर्देश आने तक न तो माल की बुकिंग होगी और न ही ट्रकों से कोई लोडिंग और अनलोडिंग। अकेले शहर में ही रोजाना एक से डेढ़ हजार आर्डर की बुकिंग होती है।
उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन के स्टेट को-ऑर्डीनेटर ब्रित चावला ने बताया कि लंबे समय से ट्रांसपोर्ट कारोबारी अपनी समस्याएं रखते आ रहे हैं लेकिन लगातार अनदेखी की जा रही है। इसके चलते ही देशव्यापी हड़ताल करने का निर्णय लेना पड़ा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान, जम्मू समेत अन्य कई राज्यों से खाद्य वस्तुएं, मसाला, चीनी, चावल, किराना सामान, दूध, पेट्रोलियम पदार्थ, पत्थर, केमिकल से लेकर फल एवं सब्जियों समेत अन्य दर्जनों माल की बुकिंग लाने और ले जाने के लिए की जाती है।
हड़ताल जारी रही तो अति आवश्यक वस्तुएं भी होंगी प्रभावित
ट्रांसपोर्टर ब्रित चावला, चौधरी अमरजीत सिंह, पंडित दीनानाथ शर्मा, राजीव कुमार सहित अन्य ट्रांसपोर्टरों ने दावा किया कि अभी अति आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी रखी गई है। दूध, ब्रेड, गैस एवं अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पर अभी असर नहीं पड़ा है। बाकी माल की आपूर्ति ही प्रभावित रही है लेकिन यदि हड़ताल लंबी चली तो इनकी आपूर्ति पर भी असर पड़ना तय है।
माल की लोडिंग-अनलोडिंग अटकी रही
मध्यरात्रि के बाद से शहर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के गोदामों पर पहुंचने वाले व्यापारियों के माल की लोडिंग और अनलोडिंग अटकी रही। कई ट्रांसपोर्टरों पर न तो लदे माल की अनलोडिंग के लिए लेबर मिल सकी और न ही गोदामों पर रात में आए माल की लोडिंग नहीं की जा सकी। इसके चलते व्यापारी असमंजस में रहे कि वे अपना माल आगे निकाले या न निकालें।
रोडवेज बसों का संचालन नहीं हुआ प्रभावित
चक्का जाम करने वाले ट्रांसपोर्टरों ने दावा किया था कि रोडवेज बसों के चालक भी उनके समर्थन में गाड़ियों का संचालन बंद रख सकते हैं लेकिन रोडवेज अड्डों पर बसों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ। रोडवेज के अफसरों ने दावा किया कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल में बसों के चालकों की ओर से न तो कोई समर्थन दिया गया और न ही गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ।