-मानसिक रूप से बीमार निकली महिला, दिल्ली से चल रहा उपचार
गंगोह। गांव बुडढाखेड़ा में जंजीरों से बांधकर रखी गई एक महिला को मंडलायुक्त के आदेश पर रेस्क्यू कराकर एसडीएम के समक्ष पेश किया गया। मंहिला के मानसिक रूप से बीमार होने की जानकारी मिलने पर उसे जंजीरों से ना बांधने की हिदायत देते हुए उसके पुत्रों की सुपुर्दगी में ही दे दिया गया।
मंडलायुक्त के निर्देश पर महिला कल्याण उपनिदेशक बीके सिंह ने सखी वन स्टाप सेंटर मैनेजर सरिता सैनी एवं पुलिस टीम के साथ गांव में जाकर जांच की। वहां कृष्णा पत्नी चूहड सिंह अपने घर पर पेड के नीचे खाना खा रही थी और उसका एक पैर में जंजीर बंधा हुआ था। टीम ने उनके बेटे तेजपाल से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी माता मानसिक रूप से कमजोर है। कभी-कभी इस स्थिति के कारण वह अपने आप को या मोहल्ले वालों को भी नुकसान पहुंचा लेती है। इसी कारण कभी कभी उन्हे जंजीर से बांधना पड़ता है। उनका इलाज शाहदरा के अस्पताल से इलाज चल रहा है।
इसके बाद टीम महिला और बेटे को कोतवाली ले आई। वहां से उन्हें नकुड़ ले जाकर एसडीएम के समक्ष पेश किया गया। बेटे तेजपाल ने एसडीएम अजय अबुंष्ट के समक्ष शपथपत्र देकर बताया कि वह माता को आगे से जंजीर में नहीं बांधेंगे और साफ सुथरे, हवादार, रोशनी वाले कमरे में अलग रखेंगे। एसडीएम ने लापरवाही बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए माता को पुत्रों की सुपुर्दगी में देने के निर्देश दिए।