सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के सकतपुर गांव में पुरातत्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को उत्खनन का कार्य शुरू कर दिया। टीम ने दो स्थानों को चिन्हित कर उत्खनन कराया।
उत्खनन के दौरान एक अलग तरह का पत्थर निकला है। जबकि पास के ही एक गड्ढे से सिल बट्टे की तरह के पत्थर मिले हैं। टीम ने इन पत्थरों की जांच शुरू कर दी है।
तहसील के गांव सकतपुर में जून 2016 में ईंट भट्ठा पथाई के लिए खेत में खुदाई के दौरान तांबे की कुल्हाड़ी एवं मृदभांड मिले थे। जिस पर एसडीएम ने मौके पर जांच कर खुदाई का कार्य रुकवा कर खुदाई में मिली वस्तुओं को आगरा भेज दिया था।
23 फरवरी को इस स्थान की सच्चाई पता लगाने के लिए आगरा मंडल की पुरातत्व विभाग की टीम गांव पहुंची और उसने अपना कार्य शुरू कर दिया। पुरातत्वविद् डॉ. भुवन विक्रम के नेतृत्व में टीम ने बृहस्पतिवार को उत्खनन वाले स्थान को चिन्हित किया था।
शुक्रवार को टीम ने उत्खनन शुरू करा दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद एक गड्ढे से मसाला पिसाई में इस्तेमाल होने वाले सिल और बाट जैसे पत्थर मिले। इसके अलावा एक पत्थर भी वहां से मिला।
सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक उत्खनन कराया गया। इस दौरान मिले कुछ पत्थर के टुकड़ों को संकलित किया गया है। जिनकी जांच की जा रही है। डॉ. भुवन विक्रम की टीम में शामिल गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार से पीएचडी कर रहे शिखा एवं हिमांशु, आगरा पुरातत्व विभाग के अर्खित प्रधान मौके पर मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि उत्खनन के लिए दो स्थानों की निशानदेही की गई है जिसकी लंबाई चौड़ाई दो-दो मीटर है। दोनों स्थानों को गहराई तक पहुंचा जाएगा, जब तक उन्हें अवशेष मिलने बंद नहीं हो जाते।
उन्होंने बताया कि उत्खनन के लिए ट्रेंच विधि को अपनाया गया है। उत्खनन के दौरान मिट्टी से मिलने वाली छोटी और बड़ी वस्तु को एकत्रित किया जा रहा है। कोई महत्वपूर्ण वस्तु बरामद होती है तो उसके बाद की कुछ कहा जा सकता है।