सहारनपुर। यूरोप एवं अमेरिका में पैदा हुई महंगाई का असर जनपद से होने वाले वुड कार्विंग उत्पादों के निर्यात पर दिखाई देने लगा है। जनपद से अमेरिका और यूरोप के कई देशों में जाने वाले काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के करीब 100 करोड़ रुपये के ऑर्डर फिलहाल होल्ड पर हैं। इसके अलावा समुद्री किराए के बढ़ने से भी निर्यातक टेंशन में हैं। जनपद से काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार होता है।
जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया भर में काफी मांग है। इसके चलते यहां से बड़े पैमाने पर विश्व के कई देशों को वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात होता है। जनपद में वुड कार्विंग उत्पादों का वार्षिक कारोबार करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें से 1100 से 1200 करोड़ रुपये का निर्यात विदेशों में होता है। पहले रूस- यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका व यूरोपीय देशों में पैैदा हुई महंगाई का असर काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात पर भी पड़ा है। निर्यातकों का कहना है कि सबसे बड़े आयातक अमेरिका एवं यूरोपीय के कई आयातकों ने अपने ऑर्डर होल्ड पर कर दिए हैं।
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सबसे अधिक अमेरिका को होता है निर्यात
जनपद से वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात दुनिया के कई देशों में होता है। इसमें 40 से 45 प्रतिशत अमेरिका, 20 से 25 फीसदी यूरोपीय देशों और 10 से 15 प्रतिशत मध्यपूर्व के देशों में वुड कार्विंग के उत्पादों का निर्यात होता है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, आस्ट्रेलिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, दक्षिणी अफ्रीका, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात, सउदी अरब, रूस और यूक्रेन आदि में भी जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों को खासा पसंद किया जाता है।
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बोले निर्यातक--
डेढ़ से दो माह के लिए होल्ड पर आर्डर
मार्च और अप्रैल के महीने में अमेरिका के आयातकों ने खरीद अधिक की। इसके चलते वहां के वेयर हाउस अभी भी भरे हुए हैं। इसके चलते उन्होंने डेढ़ से दो माह के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के नए खरीद ऑर्डर होल्ड पर कर दिए हैं। अमेरिका वुड कार्विंग उत्पादों का सबसे बडा ग्राहक है। इसलिए इसका असर यहां के वुड कार्विंग कारोबार पर पड़ा है। - रविन्द्र मिगलानी, अध्यक्ष चेेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज एवं निर्यातक।
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अमेरिका के साथ यूरोप का निर्यात भी प्रभावित
रूस-यूक्रेन युद्घ के बाद से अमेरिका और यूरोपीय देशों में महंगाई बढ़ी है। इसका असर वहां के बाजार पर भी पड़ा है। इससे चलते वहां के कई आयातकों के लगभग 100 करोड रुपये के ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। अमेरिका के साथ ही यूरोपीय बाजार भी ढीला चल रहा है। इससे वुड कार्विंग उद्योग प्रभावित हुआ है। ---- परविन्दर सिंह, वरिष्ठ निर्यातक।
-- एक नजर में वुड कार्विंग व्यवसाय --
वार्षिक कारोबार --- 1400 से 1500 करोड रुपये
निर्यात ------------ 1100 से 1200 करोड रुपये
रोजगार -------- करीब 1.25 लाख लोगों को रोजगार