रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ा डीएफसीसी अधिकारियों का निरीक्षण यान
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सहारनपुर। दिल्ली मुख्यालय से ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निदेशक ने अफसरों के साथ परियोजना की प्रगति रिपोर्ट देखी। इस दौरान उन्होंने सहारनपुर यार्ड, पुल, स्टेशन और आरपीएफ बैरक का निरीक्षण किया। पुल की एनओसी में देरी पर नाराजगी जताई।
मालगाड़ियों के परिचालन के लिए ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत अलग रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। मंगलवार को दिल्ली मुख्यालय से डीएफसीसी के निदेशक पंकज सक्सेना परियोजना नियंत्रक, प्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों के साथ सहारनपुर पहुंचे। उनका निरीक्षण यान स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुका। इसके बाद उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की प्रगति को देखा। उन्होंने स्टेशन बिल्डिंग एरिया, स्टेशन यार्ड, आरपीएफ बैरक और सेक्शन में नजदीकी पुलों का निरीक्षण किया। लेकिन, सहारनपुर-देवबंद के बीच पुल संख्या 231 पुल की एनओसी पर नाराजगी जताई। निदेशक को अधिकारियों ने अवगत कराया कि सिंचाई विभाग द्वारा निर्माण कार्य पूरा होने पर एनओसी जारी नहीं की है। उन्होंने परियोजना की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। सहारनपुर-तल्हेड़ी खंड में मिट्टी और ट्रैक के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि अब तक परियोजना में 283 किलोमीटर में से लगभग 205 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जा चुका है। परियोजना जून 2023 में पूरा होने की उम्मीद है।
रेलवे यार्ड का निरीक्षण करते डीएफसीसी के अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR