भ्रष्टाचार संबंधी मामले में चल रही जांच में पैरवी नहीं करने और समझौते का दबाव बनाने के लिए डीजीसी (क्राइम) पर 50 हजार रुपये की रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुखतार अहमद की ओर से लगाया गया है।
उनके मुताबिक डीजीसी ने उनके ही घर आकर इस रिश्वत की पेशकश की। इसी मामले में वकील के आवास पर डीजीसी को घेरे जाने और हंगामे के बाद आरोपी और एक अन्य व्यक्ति को थाना मंडी लाया गया। बाद में अधिवक्ता और डीजीसी के पक्ष में आए लोगों ने कई घंटे तक हंगामा किया। पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारियों ने पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया।
थाना मंडी में डीजीसी (क्राइम) के खिलाफ तहरीर देने से पहले अधिवक्ता मुखतार अहमद ने पीले रंग के लिफाफे में एक-एक हजार के नोटों के साथ 50 हजार रुपये की राशि दिखाई। उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले पैगंबर साहब को लेकर की गई एक टिप्पणी के मामले में आरोपी राजेश आर्य की जमानत हुई थी।
अधिवक्ता का आरोप है कि डीजीसी (क्राइम) और एक न्यायिक अधिकारी ने आपसी साठगांठ कर गलत तरीके से आरोपी को जमानत दिलवाई और इस मामले में मोटी रकम ली गई। इस तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने डीजीपी से की थी। उनके आदेश पर अब सीओ नकुड़ मामले की जांच कर रहे हैं।
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार संबंधी जांच में कार्रवाई से बचने के लिए ही डीजीसी (क्राइम) उन पर मामले में पैरवी न करने का दबाव बना रहे थे और रविवार को उनके आवास पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने 50 हजार रुपये की रिश्वत देते हुए पैरवी न करने का दबाव बनाया।
इसके साथ ही लिखित में दिया कि वे आगे भी मदद करते रहेंगे। उन्होंने मोहल्ले और आसपास के लोगों को बुलाया। इस आरोप के साथ यहां घेरे जाने के बाद डीजीसी (क्राइम) और सुलह की नीयत से वकील के घर पहुंचे अफजाल को भी थाना मंडी लाया गया।
मामले को बढ़ता देख पहले एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, सिटी मजिस्ट्रेट आरके गुप्ता और फिर अपर जिलाधिकारी प्रशासन ओपी वर्मा भी थाने पर पहुंचे। उन्होंने थाने पर जुटी दोनों पक्षों की भीड़ को शांत कराया और आश्वासन दिया कि दोनों ओर से पूरी जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
थाना मंडी में घंटों तक चला हंगामा ः इस मामले को लेकर थाना मंडी में काफी देर तक हंगामा चला। डीजीसी पर आरोप लगाने वाले अधिवक्ता मुखतार अहमद के समर्थन में अलग अलग मुस्लिम संगठनों से जुड़े हाजी उवैस, जहूर अहमद, हैदर, मोहर्रम अली पप्पू, आबुल मलिक, अताउर्ररहमान सहित अन्य ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सभासद मंसूर बदर ने भी मामले की सही जांच की बात कही। दूसरी ओर, बार संघ के अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्यागी, अधिवक्ता रणधीर सिंह, आदेश त्यागी, जांनिसार अहमद, शीशीपाल पुंडीर, हंस, देवेंद्र पंवार, राहुल कुमार, अनवार अहमद, बिशंबर सिंह सहित अन्य भी थाने पहुंचे। वकीलों ने दोनों पक्षों के आरोपों की सही जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।