-जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में महज 23 यूनिट ही बचा
-ओ पॉजिटिव के नहीं मिल रक्तदाता, शिविर भी नहीं लग रहे
-600 की क्षमता वाले ब्लड बैंक में 189 यूनिट ही खून
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। इन दिनों जिला अस्पताल का ब्लड बैंक ओ पॉजिटिव ब्लड की किल्लत से जूझ रहा है। कारण यह है कि ब्लड बैंक में महज 23 यूनिट ही ओ पॉजिटिव ब्लड बचा है। यह संकट रोजाना बढ़ रही मांग की वजह से उत्पन्न हुआ है। शिविर भी नहीं लग रहे हैं। ऐसे में मरीजों को खून का इंतजाम करने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय में 600 यूनिट क्षमता का ब्लड बैंक स्थापित है। इस ब्लड बैंक के जरिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की खून की जरूरत पूरी की जाती है। हर महीने जिला महिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए 150 से 170 यूनिट ब्लड जाता है। इसी तरह अस्पताल में पंजीकृत थैलेसीमिया के मरीजों को भी खून की जरूरत पड़ती है।
इसलिए ब्लड बैंक से थैलेसीमिया मरीजों के लिए एक महीने में 130 से 140 यूनिट खून जाता है। इनके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी 30 से 40 यूनिट जाता रहता है। एक दिन में 20 से 22 यूनिट खून ब्लड बैंक से जाता है, लेकिन उसके बदले में 15 से 18 यूनिट की खून आता है। पिछले 20 दिनों से ओ पॉजिटिव ब्लड की जरूरत अधिक बढ़ी है। इस वजह से ब्लड बैंक में अब ओ पॉजिटिव ब्लड की किल्लत होने लगी है। उक्त ब्लड 23 यूनिट ही बचा है। खास बात यह है कि ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के रक्तदाता भी नहीं मिल रहे हैं। जिसकी वजह से उक्त ब्लड के मरीजों की मुसीबत बढ़ गई है।
दो अप्रैल में ब्लड बैंक में ब्लड का स्टॉक
ए पॉजिटिव - 65
बी पॉजिटिव - 69
ओ पॉजिटिव - 23
एबी पॉजिटिव - 14
ए निगेटिव - 02
बी निगेटिव - 12
ओ निगेटिव - 03
एबी निगेटिव - 01
वर्जन
अधिकांश मरीजों का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव होता है। इसलिए इस ग्रुप के ब्लड की डिमांड अधिक रहती है। पिछले करीब 20 दिनों से ब्लड बैंक में ओ पॉजिटिव ब्लड कम चल रहा है। प्रयास यह रहेगा कि जल्द शिविर लगवाकर ओ पॉजिटिव ब्लड की पूर्ति की जाए, जिससे मरीजों को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल