अब ग्रामीणों को घर पर ही बैंकिंग सेवाएं देंगी सखी
सहारनपुर। ग्रामीणों को अब छोटी रकम के लेन देन से लेकर अन्य बैंकिंग सुविधाएं पाने के लिए शाखाओं के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बीसी (बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट) योजना शुरू की है। इसके लिए बलियाखेड़ी विकास खंड क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
ग्रामीणों को कम राशि निकालने और जमा करने के लिए बैंक शाखा के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब इस कार्य में बीसी सखी ग्रामीणों की मदद करेंगी। इसके लिए महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इन महिलाओं की बीसी सखी के रूप में नियुक्ति की जाएगी। बीसी सखी ग्रामीणों और बैंक के बीच पुल का काम करेंगी। बीसी सखी डेस्कटॉप कंप्यूटर, या लैपटॉप, पीओएस मशीन, कार्ड रीडर, फिंगर प्रिंट रीडर आदि सुविधाओं से लैस होंगी। ग्रामीण बीसी सखी के यहां पहुंचकर अपने बैंक खाते से छोटी धनराशि निकाल और जमा करा सकता है।
25 महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू
माटकी झरौली स्थित पंजाब नेशनल बैंक की ओर से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी बनाने के लिए बलियाखेड़ी विकास खंड की 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। छह दिवसीय प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं केे इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस की ओर से आयोजित परीक्षा को पास करना होगा। इसके बाद ही उन्हें बीसी सखी नियुक्त किया जाएगा।
जनपद के ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेट (बीसी सखी) नियुक्त की जाएंगी। इसके लिए पीएनबी आरसेटी में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 25 महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। बीसी सखी ग्रामीणों और बैंक के बीच पुल का काम करेंगी। इनको चार हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
- रमेश चंद , निदेशक, पीएनबी आरसेटी।