सहारनपुर। जनपद में शिशु मातृत्व मृत्य दर रोकने के लिए आशा कार्यकर्ता 42 दिन के बजाय अब 15 महीने तक जच्चा-बच्चा की देखभाल करेंगी। घर-घर जाकर बच्चे का वजन, बीमारी और टीकाकरण की जानकारी लेंगी। इसके लिए उन्हें अगले माह में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचबीवाईसी (होम बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड) योजना संचालित है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता तीन माह की आयु पूर्ण करने वाले शिशुओं की जांच के लिए घर-घर भ्रमण करेंगी। घर भ्रमण तीन, छह, नौ, 12 और 15 माह पर शिशु के लिए होगा। जिसमें बच्चे की जन्म-मृत्यु, पोषण, गंभीर बीमारी, टीकाकरण, सामान्य बीमारी, स्तनपान संबंधी या बच्चे की मां को किसी तरह की समस्या आती है तो इसकी सूचना संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में देनी होगी। बाल मृत्यु और उनमें आने वाली बीमारियों की रोकथाम कसने तथा बच्चों के कुपोषण और शारीरिक विकास वृद्धि के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। डीसीपीएम बृजेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत जनपद की 2640 आशा कार्यकर्ताओं को फरवरी के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में आशा कार्यकर्ताओं को उनके भ्रमण के बारे में तथा योजना से जुड़ी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद आशाएं एचबीवाईसी कार्ड पर संपर्क के दौरान शिशु की जांच का पूरा विवरण दर्ज करेंगी। भ्रमण में आशाएं बच्चे का संपूर्ण का अवलोकन कर उनके परिजनों को स्थिति के बारे में अवगत करवाएंगी।
-योजना का उद्देश्य
-बाल मृत्यु और बीमारियों का कम करना
-छोटे बच्चों की पोषण संबंधी स्थिति में सुधार लाना
-छोटे बच्चों की सही वृद्धि और आरंभिक बाल विकास को सुनिश्चित करना