भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव को सामाजिक, व्यवहारिक और परमार्थिक शिक्षा देती है। मानव जीवन का परम लक्ष्य परोपकार के द्वारा समाज, देश, धर्म एवं परिवार का उत्थान करना है।
जसमोर गांव में आयोजित श्रीकृष्ण चरित्र कथा में पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की प्रत्येक लीला मानव के लिए एक शिक्षा है। उन्होंने कहा कि धर्म ग्रंथों में चार पुरूषार्थ का वर्णन है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। अर्थ यानि धन को धर्म से कमाएं तथा कामना मोक्ष के लिए हो, परंतु आज मानव धन को कमाने के लिए अंधा हो रहा है।
उचित और अनुचित का ध्यान किए बिना धन कमा रहा है। परिणाम स्वरूप परिवारों में शांति नहीं रही। बेटियों के विषय में उन्होंने कहा कि बिना बेटी के वंश नहीं चलता। इसलिए बेटी को बचाओ और पढ़ाओ। उनकी संस्था पढ़ाई के लिए बेटियों की मद्द कर रही है, जिस भी बेटी को पढ़ाई के लिए मदद की जरूरत हो, वे उनसे संपर्क करें।
इस मौके पर पारुल, कविता, आयूषि धीमान, निकिता धीमान, प्रदीप चौहान, रविंद्र चौहान, अरुण कुमार, मुकेश कुमार, राजेश चौहान, अनुज चौहान, पीरचंद, पंकज सैनी, ललित चौहान, विकास चौहान आदि ने प्रसाद का वितरण किया।