सहारनपुर। पंचायत चुनाव के दौरान गंगोह ब्लॉक के 98 ग्रामों में प्रशासकों द्वारा नियुक्ति के दौरान आठ करोड़ रुपये के गबन के मामले में 14 अधिकारियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। अब दोबारा जिला पंचायत राज विभाग की ओर से इनको नोटिस जारी किए जाएंगे।
पिछले साल ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया था। पंचायतों पर प्रशासक के तौर पर सहायक विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी तैनात किए गए थे। गंगोह निवासी अनुज चौधरी ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि इन प्रशासकों ने विकास कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, जबकि कहीं पर कोई काम नहीं हुआ है।
मंडलायुक्त ने संयुक्त विकास आयुक्त सुरेंद्र राम की अध्यक्षता में अपर निदेशक कोषागार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। कमेटी ने विकास कार्यों से संबंधित इन अधिकारियों से अभिलेख मंगवाए, लेकिन इन्होंने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। इतना ही नहीं, ये अधिकारी कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित भी नहीं हुए।
कमेटी ने जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त लोकेश एम को सौंपी, जिसमें कमेटी ने इन अफसरों की आठ करोड़ के गबन में संलिप्तता बनाते हुए इनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है। मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सीडीओ और डीपीआरओ ने गबन में फंसे अधिकारियों को नोटिस भेजे थे। दो सप्ताह बीतने के बाद भी इन अधिकारियों द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसको लेकर शासन को भी अवगत कराया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि इन अधिकारियों को दोबारा नोटिस भेजे जाएंगे।
इन पर आरोप
एडीओ प्रमोद कुमार, बीडीओ नीटू कुमार, अमित कुमार, आकाश तोमर, विवेक कुमार, अंकित तोमर, जितेंद्र कुमार, विकास त्यागी, जय प्रकाश वर्मा, किरतपाल, प्रदीप कुमार, दीपक पुंडीर, रविंद्र कश्यप, योगेंद्र कुमार पर गबन का आरोप है।